मनेंद्रगढ़ में बनेगा चिकित्सक आवासीय परिसर:स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया भूमिपूजन, जिला अस्पताल का भी किया निरीक्षण

चिरमिरी जिला अस्पताल के पास चिकित्सक आवासीय परिसर और ट्रांजिट हॉस्टल के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि 15 करोड़ 18 लाख की लागत से केवल भवन निर्माण होने हैं। 13 करोड़ का डॉक्टर्स कालोनी जो तहसील भवन के पीछे, फिजियोथेरेपी बिल्डिंग और 25 लाख के फिजियोथेरेपी हाईटेक उपकरण का आज भूमिपूजन कार्यक्रम हुआ है। मंत्री जायसवाल ने कहा कि बड़ा बाजार की बहुप्रतीक्षित मांग रही है कि यहां सर्वसुविधायुक्त स्वास्थ्य व्यवस्था हो। आप सभी जानते है कि स्वास्थ्य की व्यवस्थाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण कुछ है, तो वह है डॉक्टर्स, डॉक्टर के बाद उसके जो स्टॉप, मरीजों के रुकने की व्यवस्था और इन सब के साथ बड़ी समस्या चिरमिरी की रही है कि डॉक्टर आए भी तो यहां किराए का रूम भी नहीं मिल पाता है। जब मैं स्वास्थ्य मंत्री बना और अध्ययन किया तो पाया कि प्रदेश के आदिवासी दुरुस्त क्षेत्र बस्तर और सरगुजा से डॉक्टर्स सिर्फ इसलिए नहीं आना चाहते है कि उनके रहने की उचित व्यवस्था नहीं है। बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा संस्थान नहीं है, मनोरंजन के साधन नहीं है। तब मैने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि आप इन इलाकों के लिए आवासीय भवन के लिए राशि उपलब्धता की अनुमति प्रदान कीजिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ऐसे क्षेत्र से आते है, वहीं के माटी पुत्र हैं। इसलिए उन्होंने मुझे पूरी छूट दी और इसी भवन निर्माण की कड़ी में चिरमिरी की धरा से हम इसकी शुरुआत कर रहे हैं और इस भवन के बनते ही एक साथ 15 डॉक्टर यहां रहेंगे। विकास कार्यों से चिरमिरी में रुकेगा पलायन मंत्री शायम बिहारी जायसवाल ने कहा कि अकेले चिरमिरी में ही 100 करोड़ से ज्यादा का निर्माण कार्य और अन्य आवश्यक उपकरणों के लिए खर्च किए जा रहे है। इससे चिरमिरी में हो रही पलायन की स्थिति पर रोक लगेगी। चिरमिरी ने मुझे चुना है और प्रदेश तक पहुंचाया है, तो मैं बीच बीच में हो रही आलोचनाओं के बारे में नहीं सोचता हूं। मुझे मालूम है और चिरमिरी का पूरा खाका मेरे पास तैयार है इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। जिला अस्पताल का किया निरीक्षण कार्यक्रम से पहले स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। जहां अस्पताल के वार्डों में मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। साथ ही अस्पताल में डाक्टरों और स्टाफ नर्सों के व्यवहार के बारे में भी मरीजों से बात की। अस्पताल में एक नर्स ने वर्क लोड ज्यादा होने की दिक्कत का जब जिक्र किया, तो वहीं तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए 20 नर्सों की भर्ती 1 अगस्त से कार्य प्रारंभ कराने की बात कही।

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