सरगुजा में सट्टा कारोबार से जुड़े सटोरिये युवक सत्यम ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि अंबिकापुर में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क वाले महादेव सट्टा ऐप का संचालन अंबिकापुर में एक आरक्षक द्वारा किया जा रहा था। वीडियो में युवक ने महादेव सट्टा एप से जुड़े अन्य सटोरियों के नामों का खुलासा करते हुए बताया कि उसने एक माह काम किया और आरक्षक को मुनाफे का 48 लाख रुपए दिया गया था। उसे उठवा लेने की धमकी दी गई। युवक जिले से फरार है। अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी सटोरिया सत्यम केसरी ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो बनाकर स्वयं अपलोड किया है। वीडियो में सत्यम केसरी ने दावा किया है कि वह फरवरी 2023 में सट्टा कारोबार से जुड़ा था। अंबिकापुर में सट्टा कारोबार का संचालन पुलिस आरक्षक प्रवीण सिंह के द्वारा गाड़ाघाट स्थित एक किराए के कमरे में किया जा रहा था। सटोरियों के नाम बताए, इनमें निगरानीशुदा सटोरिये
सत्यम केशरी ने वीडियो में सटोरिया अमित मिश्रा, जिमी मिश्रा, पहलू मिश्रा भी प्रवीण सिंह के साथ थे। इसमें वह अन्य युवकों हर्षवर्धन, लखन त्रिपाठी, हर्षल आदि के साथ काम करता था। सत्यम ने खुलासा किया कि 21 फरवरी 2023 में उसे बुलाया गया था। किराए के कमरे में वाई-फाई और तकनीकी उपकरणों की मदद से महादेव सट्टा एप का संचालन हो रहा था। एक माह में 48 लाख कमाए
सत्यम ने दावा किया है कि महज एक महीने में आरक्षक प्रवीण सिंह को करीब 48 लाख रुपये का मुनाफा हुआ। जब सत्यम ने डरकर काम छोड़ने को कहा तो आरक्षण प्रवीण सिंह ने उसे धमकी दी कि उसकी पहुंच आईजी, एसपी और दुबई तक है। अगर काम नहीं करोगे तो उठवा दूंगा, फंसा दूंगा।” गिरफ्तार किए गए हैं सटोरिये
सरगुजा पुलिस ने सट्टा गिरोह चलाने के आरोप में अमित मिश्रा को गिरफ्तार किया है। अन्य सटोरिये भी सट्टा मामलों में शामिल हैं। इस वीडियो के सामने आने से पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है। एसपी ने बनाई जांच टीम
वीडियो के सामने आने के बाद सरगुजा SSP राजेश अग्रवाल ने जांच टीम का गठन किया है। एएसपी अमोलक सिंह के नेतृत्व में टीम मामले की जांच करेगी। सरगुजा ASP अमोलक सिंह ढिल्लो ने कहा कि पुलिस को सोशल मीडिया में वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। जिसे सज्ञान में लेकर पुलिस मामले की जांच करेगी और जांच के बाद मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।


