नरेंद्र/ प्रिंसञ|सिमडेगा बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के आवेदन की स्थिति सिमडेगा जिले में बेहद खराब है। जिले में 48 हजार किसानों के बीमा का लक्ष्य विभाग के द्वारा निर्धारित किया गया है किंतु अब तक मात्र 29 किसानों ने ही फसल बीमा कराया है। वजह है किसान का लैंड रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना। 31 जुलाई तक बीमा करने की अंतिम तिथि विभाग की ओर से निर्धारित की गई है। अबतक मात्र 29 किसानों के द्वारा बीमा होने से विभाग की चिंता बढ़ गई है। बीमा योजना यह हाल तब है जब राज्य सरकार मात्र एक रुपए में खरीफ फसल के लिए बीमा कर रही है। खराब प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह लैंड रिकॉर्ड में किसानों की जमीन का पूरा डाटा उपलब्ध नहीं होना बताया जा रहा है। बताया गया है कि अधिकतर परिवारों में खतियान में जमीन दादा परदादा के नाम पर है। परिवार में बंटवारे के बाद बेटों पोतों ने म्यूटेशन नहीं कराया है। ऐसे में उनके नाम लैंड रिकॉर्ड में नहीं मिल रहे हैं। इसलिए उनके नाम पर फसल बीमा नहीं हो रहा है। एक रुपए में फसल बीमा करने के लिए किसानों को अनिवार्य रूप से अपनी नाम वाली जमीन के दस्तावेज जमा करने हैं। किसान लैंड रिकॉर्ड में अपनी जमीन के दस्तावेज ढूंढ रहे हैं तो डाटा शून्य बताया जा रहा है। इस वजह से उनका फसल बीमा का आवेदन खारिज हो रहा है। इस बार नियमावली सख्त: जिले में वर्ष 2024 में 46 हजार 813 किसानों ने फसल बीमा कराया था लेकिन इस साल यह आंकड़ा काफी निराशाजनक है। बताया गया कि गत वर्ष एक ही जमीन पर चार-पांच लोगों ने फसल बीमा कर लिया था काफी डुप्लीकेसी हुई थी कई कागजातों में जमीन के सही दस्तावेज नहीं मिले थे और कई किसानों का बीमा खारिज हो गया था। इसलिए इस बार नियमावली में काफी सख्ती की गई है।


