देशभर में ऑनलाइन ठगी का बड़ा नेटवर्क फर्जी लोन एप्लीकेशन के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहा है। ये एप्स देखने में बिल्कुल असली लगते हैं और गूगल प्ले स्टोर व एप्पल एप स्टोर पर एक्टिव हैं, लेकिन इनका असली मकसद मोबाइल में घुसकर आपकी निजी जानकारी चोरी करना और उसे साइबर ठगों के पास पहुंचाना है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ( I4C) ने हाल ही में फर्जी एप्लीकेशन की लिस्ट तैयार की है। विभाग के मुताबिक, लिस्ट में शामिल कुछ एप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया गया है, लेकिन कई अभी भी वहां मौजूद हैं। वहीं, एप्पल स्टोर पर भी दर्जनों संदिग्ध लोन एप एक्टिव हैं। ठगी में इस्तेमाल करते डेटा राष्ट्रीय साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला और राष्ट्रीय साइबर अपराध पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन इकाई (NCFL NCEMU) के निदेशक निशांत कुमार ने बताया कि इन फर्जी एप्स को डाउनलोड करने के बाद यूजर्स से संपर्क नंबर, फोटो, लोकेशन और बैंक डिटेल्स तक एक्सेस मांगी जाती है। इसके बाद यह डेटा ठग गिरोहों को बेच दिया जाता है, जो इसे ब्लैकमेल या धोखाधड़ी में इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में ही एक संदिग्ध एप्लीकेशन को अब तक 5 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। इनमें से हजारों यूजर्स के मोबाइल में ये एप्स अभी भी मौजूद हैं। आईफोन:कैस्कॉर्ड क्विक फाइनेंस केस रुपी क्रेडिट पायलट रूपीप्रभा सर्वत्र केश प्रो आईफोन: क्रेडिटलूप क्रेडिटोर कीक्रेडिट आईफोन:मिंटकैश इंस्टेंट पर्सनल लोन स्कोर स्कैन


