पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि सैन्य परिवारों के बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए सेना के ट्रकों की जगह तय मानकों के अनुसार स्कूल बसें चलाई जाएं। यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे। चीफ जस्टिस शील नागू की अगुआई वाली खंडपीठ ने यह आदेश मोहाली के प्रदीप शर्मा की जनहित याचिका पर दिया। कोर्ट ने कहा कि स्कूल बसों के लिए ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड और सीबीएसई के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। याचिका में ये की थी मांग
याचिका में कहा गया था कि सरकार ने पहले ही स्कूल बसों के लिए मजबूत बॉडी, आपातकालीन निकास, सीटों के नीचे खाली जगह, आगे की ओर सीटें, बिना पर्दे की बड़ी खिड़कियां, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य की हैं। लेकिन अस्थायी रूप से बसों में बदले गए सेना के ट्रकों में ये सुविधाएं बिल्कुल नहीं हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार सैन्य अधिकारियों को सुरक्षित बसों की व्यवस्था के लिए धनराशि दे, ताकि बच्चों की जान से कोई जोखिम न हो।


