उच्च शिक्षा का विकास “कल, आज व कल’ थीम पर मनेगी रजत जयंती

भास्कर न्यूज| महासमुंद शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को एलुमनी समिति पदाधिकारी और प्रबंध कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन होगा। बैठक में 23 सितंबर को होने वाले एलुमनी मीट के संबंध में चर्चा की गई। प्राचार्य करुणा दुबे एलुमनी पदाधिकारी और प्रबंध कार्यकारिणी सदस्यों से कहा कि महाविद्यालय के राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत एकेडमिक विकास में एलुमनी समिति की महत्वपूर्ण भूमिका है। अमृत चोपड़ा अध्यक्ष एलुमनी समिति ने कहा सत्र 2025-26 हमारे राज्य के लिए ऐतिहासिक अवसर है जब हम इस वर्ष को छत्तीसगढ़ राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष उत्साह, आत्म अवलोकन का है रजत जयंती के अवसर पर 2000 से 2025 के बीच के महाविद्यालय के एलुमनी सदस्यों को आमंत्रित कर एलुमनी मीट का आयोजन किया जाएगा। डॉ. रीता पांडेय संयोजक, एलुमनी समिति ने रजत जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाले एलुमनी मीट कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला और कहा कि आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के तहत रजत जयंती का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में एजेंडावर बिंदुओं पर चर्चा कर निर्णय लिया गया महाविद्यालय में एलुमनी मीट का आयोजन 23 सितंबर को उच्च शिक्षा का विकास कल आज और कल थीम पर किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजन के लिए कार्य योजना तैयार की गई, सत्र 2025 -26 के समिति के लिए कार्य योजना बनाई गई जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत महाविद्यालय के अकादमिक विकास के लिए एलुमनी सदस्यों के व्याख्यान और अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर देवीचंद राठी नपा उपाध्यक्ष, महेश मक्कड़, महेंद्र जैन, डॉ. मंजू शर्मा, मनीराम बंसल, प्रभा पंडा, भरत साहू, संजय एक्का, रत्नेश सोनी, गुप्तेश नामदेव, डॉ. अजय कुमार देवांगन, प्रियंका सोनवानी, मुकेश साहू सहित अन्य मौजूद थे। एलुमनी स्थाई सदस्य ने 50000 रुपए दान किया इस अवसर पर मनोज शर्मा ग्रेड 2, वरिष्ठ एलुमनी स्थाई सदस्य ने 50000 रुपए का दान (चेक) प्रतिभा प्रोत्साहन कोष के लिए प्रदान किया गया। इस राशि से प्राप्त ब्याज राशि से प्रत्येक साल 26 जनवरी को महाविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त विद्यार्थी को और महाविद्यालय के भारतीय परिधान में आने वाले विद्यार्थी, अधिकारी या कर्मचारी को हर साल मनोज शर्मा, माता सावित्री देवी शर्मा की स्मृति में रजत पदक प्रदान करने के लिए दिया गया।

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