छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मवेशियों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। मंगलवार की देर शाम एक बार फिर तेज रफ्तार स्कार्पियो ने तीन गायों को कुचल दिया। इस हादसे में एक गाय को सड़क पर 30 फीट तक घसीटते ले गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, दो गाय गंभीर रूप से घायल है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रशासन की लापरवाही से मवेशियों की मौतें हो रही है। स्थिति यह है कि पिछले एक महीने में जिले में 60 से अधिक गायों की जानें चली गई। जानकारी के अनुसार, मंगलवार की देर शाम बिलासपुर तरफ से काले रंग की स्कार्पियो क्रमांक CG 10 AR 0333 रतनपुर तरफ आ रही थी। गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी। अभी स्कार्पियों सिद्धिविनायक मंदिर के पास पहुंची थी। उसी समय सड़क किनारे बैठे मवेशियों को जोरदार टक्कर मारते हुए कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि एक मवेशी को करीब 30 फीट तक घसीटते हुए ले गई। इस हादसे में मौके पर ही एक मवेशी की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़कों पर लगातार हो रहे हादसे
बता दें कि पिछले एक महीने में जिले में 60 से अधिक मवेशियों की मौतें हो चुकी हैं। इससे पहले रतनपुर क्षेत्र के ही बारीडीह में करीब 20 मवेशियों को ट्रक ने कुचल दिया था। इस हादसे में 14 की मौत हो गई थी। इसके पहले 14 जुलाई को तेज रफ्तार वाहन ने 22 गायों को कुचल दिया था, जिससे 17 की मौत हो गई थी। हाईकोर्ट का आदेश फिर भी अफसर बेपरवाह
हाईकोर्ट ने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए राज्य शासन को आदेश जारी कर चुका है। बावजूद इसके, सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा अब भी बना हुआ है, जिसकी वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। हाईकोर्ट का सख्त रवैया अपनाने के बाद जिला और पुलिस प्रशासन के अफसर केवल दिखावे की कार्रवाई कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट लगाए जा रहे हैं। वहीं, सड़क पर मवेशी छोड़ने वाले मालिकों पर एफआईआर की जा रही है। लेकिन, इन दावों के बीच हकीकत यह है कि अभी भी नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के साथ ही शहर और आसपास के सड़कों पर मवेशी घूम रहे हैं।


