पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के कॉलेजों और बाहरी संस्थानों ने मनाया एंटी-रैगिंग डे

भास्कर न्यूज़ | लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के सभी कॉलेजों और बाहरी संस्थानों में एंटी-रैगिंग डे जागरूकता कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। यूनिवर्सिटी में एंटी-रैगिंग गतिविधियों की शुरुआत 29 जुलाई 2025 को दीक्षा आरंभ कार्यक्रम से हुई, जिसमें पीएयू एंटी-रैगिंग कमेटी के संयोजक डॉ. वी.पी. सेठी ने यूजीसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर विशेष व्याख्यान दिया और रैगिंग की बुराई और उससे बचाव के उपाय बताए। एंटी-रैगिंग डे के अवसर पर विभिन्न कॉलेजों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। कम्युनिटी साइंस कॉलेज ने डीन डॉ. किरण बैंस के नेतृत्व में एंटी-रैगिंग अवेयरनेस रैली निकाली, जिसमें करीब 60 छात्रों ने नारे लगाकर रैगिंग के खिलाफ आवाज बुलंद की। स्टॉप रैगिंग, एंड बुलीइंग थीम पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। कृषि इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी कॉलेज में डीन डॉ. मंजीत सिंह के नेतृत्व में एंटी-रैगिंग जागरूकता दिवस मनाया गया, जिसके तहत रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया गया। छात्रों को सलाहकारों के माध्यम से रैगिंग के बारे में जानकारी दी गई और जागरूकता पोस्टर प्रदर्शित किए गए। बागवानी एवं वानिकी कॉलेज ने पोस्टर और बैनर प्रदर्शित किए, कक्षाओं में जागरूकता सत्र आयोजित किए और नियमित रूप से एंटी-रैगिंग स्क्वाड द्वारा निरीक्षण किया गया। डॉ. जी.पी.एस. ढिल्लों ने एंटी-रैगिंग पर व्याख्यान दिया। बेसिक साइंसेज एवं ह्यूमैनिटीज कॉलेज ने अतिथि वक्ता डॉ. नीना सिंगला का व्याख्यान आयोजित किया, जिसमें रैगिंग के प्रकार, कारण और इसके परिणामों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में यूजी और पीजी के छात्र, फैकल्टी सदस्य और एंटी-रैगिंग कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। डॉ. एल.एम. कथूरिया के मार्गदर्शन में रैली भी निकाली गई, जिसमें छात्रों ने रैगिंग-मुक्त वातावरण बनाए रखने की शपथ ली। आर.आर.एस., बठिंडा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं, कृषि कॉलेज, पीएयू ने भी पोस्टर प्रतियोगिता कराई और सप्ताह भर चलने वाली गतिविधियों की योजना बनाई, जिसमें व्याख्यान और रैलियां शामिल हैं। पीएयू कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने सभी कॉलेजों और संस्थानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आइए मिलकर अपने कैंपस को रैगिंग मुक्त रखें और जूनियर छात्रों को भाई-बहन की तरह सहयोग दें। छात्र कल्याण निदेशक डॉ. निर्मल सिंह जौरा ने कहा कि हर छात्र को सुरक्षित और निडर महसूस करने का अधिकार है। हमें रैगिंग के खिलाफ खड़ा होना होगा और सहानुभूति व समझ का माहौल बनाना होगा। डॉ. सेठी ने बताया कि पीएयू की एंटी-रैगिंग पहल यूनिवर्सिटी की सुरक्षित और स्वागत योग्य माहौल बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जागरूकता कार्यक्रमों, पोस्टर प्रतियोगिताओं और नियमित स्क्वाड निरीक्षणों के माध्यम से रैगिंग को रोकने और आपसी सम्मान व सद्भावना की संस्कृति को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। एंटी-रैगिंग अवेयरनेस रैली में छात्र नारे लगाकर रैगिंग के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए।

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