एमआरआई-सीटी स्कैन जांच व रिपोर्ट के लिए मरीजों को 10 दिन का इंतजार, बिना जांच के इलाज भी नहीं

एआई के जमाने में प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अंबेडकर अस्पताल कागजों और फाइलों के भरोसे चल रहा है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। दरअसल, रेडियो डायग्नोसिस विभाग में मरीजों को आज भी एमआरआई और सीटी स्कैन जांच के लिए रिपोर्ट आने का इंतजार करना पड़ता है। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, मरीज का इलाज शुरु नहीं हो पाता। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि अस्पताल में पैक्स सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव 2015 से ही फाइलों में अटका हुआ है।
पैक्स योजना से मरीजों की जांच की रिपोर्ट 5 मिनट में सीधे संबंधित विभाग के डॉक्टरों के पास पहुंच जाती। इससे वे अपने मोबाइल पर ही मरीज की रिपोर्ट देखकर इलाज शुरु कर देते। लेकिन अभी ऐसा नहीं हो रहा है। अभी सीटी स्कैन और एमआरआई जांच के लिए मरीजों को रिपोर्ट आने का इंतजार करना पड़ता है। रिपोर्ट आने पर वे भारी-भरकम फिल्म लेकर अस्पताल के चक्कर लगाते हैं। कभी-कभी अस्पताल में फिल्म भी खत्म हो जाती है। इसके बाद मरीजों को रिपोर्ट लेने में और इंतजार करना पड़ता है। केस – 1
बीरगांव से आए सुनील साहू ने बताया कि उनकी मां को सांस फूलने की समस्या है। इससे पहले उन्हें कमर में काफी दर्द हो रहा था। निजी अस्पताल ले गए। वहां भी ठीक नहीं हुईं। एम्स ले गए, उन्होंने एक दिन रखा फिर अंबेडकर अस्पताल भेज दिया। यहां एमआरआई जांच के लिए कहा, लेकिन जांच के लिए पहुंचे तो दो दिन बाद आने कह दिया गया। हमने डॉक्टरों से मां की स्थिति बताई, तब जाकर तत्काल जांच करने कहा।
केस – 2
अपनी मां के सिर की एमआरआई कराने आई खुशी ने बताया कि, उन्हें काफी दिन से सिर में दर्द की शिकायत थी। डॉक्टरों ने एमआरआई कराने कहा था। यहां आए तो उन्होंने 10 दिन की वेटिंग दी है। अब 10 दिन बाद जांच कराएंगे। इसके बाद 5-7 दिन बाद जांच रिपोर्ट आएगी। इतने दिन तक जांच प्रभावित होगा। इससे अच्छा हम कहीं बाहर लैब से जांच करवा लेगें। कम से कम इलाज तो जल्दी शुरु होगा। जानिए, क्या है पैक्स सिस्टम पैक्स एक डिजिटल मेडिकल इमेजिंग सिस्टम है। इसमें एक्सरे, एमआरआई और सीटी स्कैन आदि जांच की रिपोर्ट डिजिटल फार्मेट में स्टोर होती हैं। इससे डॉक्टर मरीज का आईडी नंबर डालकर कहीं से भी रिपोर्ट और इमेज देख सकते हैं। हर अस्पताल में रेडियो डायग्नोसिस विभाग सबसे महत्वपूर्ण विभाग होता है। यहां से हर प्रकार की जांच के बाद ही मरीज के इलाज की आगे की प्रक्रिया शुरु होती है। बिना इमेजिंग जांच के कई बीमारियों की पुष्टि नहीं होती और इलाज शुरू नहीं किया जा सकता। डीकेएस भी नहीं भेज रहे मरीज
अंबेडकर अस्पताल में आने वाले मरीजों को एमआरआई, सीटी स्कैन जांच के लिए लंबा इंतजार ना करना पड़े, इसके लिए उन्हें डीकेएस अस्पताल भेजने का निर्णय स्वशासी समिति की बैठक में लिया गया था। ताकी डीकेएस में आयुष्मान कार्ड से फ्री में उसी दिन मरीजों की जांच हो जाती, लेकिन अंबेडकर से किसी भी मरीज को डीकेएस नहीं भेजा जा रहा है। शुरुआत में सिर्फ डेढ़ माह ही यह प्रक्रिया चली, इसके बाद मरीज भेजना बंद कर दिया गया। सीधी बात | संतोष सोनकर, अधीक्षक, अंबेडकर अस्पताल पैक्स सिस्टम के लिए मशीनों का अपडेशन जरूरी
मरीजों को जांच के लिए वेटिंग दी जा रही है?
– जांच के लिए आने वाले मरीजों को इंतजार नहीं करवाना है।
मरीजों को डीकेएस भेजने की व्यवस्था बनाई गई है, भेजा नहीं जा रहा?
– वहां ना भेजकर उन्हें डेट दिया जा रहा है तो रेडियोलॉजी विभाग से जानकारी लेता हूं।
रिपोर्ट के लिए पैक्स सिस्टम की योजना बनाई गई थी, लागू अब तक नहीं?
– पैक्स सिस्टम के लिए मशीनों का अपडेशन जरूरी है। नई मशीनों के साथ लागू किया जाएगा।

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