पीपीपी मोड में होटल बैद्यनाथ विहार का होगा डेवलपमेंट:देवघर में 114 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा 100 कमरों का फोर स्टार होटल

राज्य सरकार ने देवघर में 114 करोड़ रुपए की लागत से फोर स्टार होटल तैयार करने का फैसला किया है। सरकार ने झारखंड पर्यटन विकास निगम के होटल वैद्यनाथ विहार की निजी क्षेत्र में पीपीपी मोड पर 50 वर्ष के लिए लीज पर देगी। पर्यटन विभाग के इस प्रस्ताव पर विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार ने अपनी स्वीकृति दे दी है। झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले देवघर के विकास को देखते हुए राज्य सरकार यह कदम उठा रही है। शहर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम एवं उत्सवों के लिए देश के प्रमुख शहरों और अन्य क्षेत्रों ते विभिन्न तबकों के लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं। देवघर अब न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि पर्यटन, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में भी विकसित हुआ है। यहां होटल, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय बाजारों में भी तेजी से विकास हो रहा है। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी हो जाने के कारण निवेशकों और उद्योगपतियों की दिलचस्पी भी बढ़ी है। रीजनल एम्स और प्लास्टिक पार्क बनने से बुनियादी ढांचे में भी सुधार हो रहा है। देवघर के संपूर्ण पर्यटन विकास, सुविधाओं के निर्माण एवं प्रबंधन के लिए अनुभवी एवं इच्छुक निजी निवेशकों को पीपीपी मोड पर कार्य देने का निर्णय विभाग ने लिया है। परिसंपत्ति निर्माण के लिए सरकार ने कार्ययोजना भी तैयार की है। 400 लोगों की क्षमता का होगा बैंक्वेट हॉल, पर्यटन मंत्री ने दी स्वीकृति होटल को डेवलप करने के लिए डेलॉयट कंपनी ने तैयार की है फिजिबिलिटी रिपोर्ट वर्तमान में झारखंड पर्यटन विकास निगम की होटल बैद्यनाथ विहार के पास 1.05 एकड़ जमीन है। लेकिन यह होटल जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने इसे डेवलप करने के लिए विश्व प्रसिद्ध डेलॉयट कंपनी को एक प्लान तैयार करने का जिम्मा सौंपा था। कंपनी ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की। पीपीपी मोड में इस होटल को चलाने के लिए जेटीडीसी बोर्ड ने दिसंबर 2024 को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में अपनी मंजूरी दी थी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 114 करोड़ रुपए मानी गई है। 50 साल के लीज पर होटल चलाएंगे निजी निवेशक, पहले 25 साल के लिए मिलेगा फोर स्टार के समकक्ष 400 कमरों का होटल बनेगा। इसमें तय जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके अलावा 400 लोगों की क्षमता वाले बैंक्विट हॉल का भी निर्माण होगा। होटल तैयार होने से पूर्व जेटीडीसी डीपीआर का अनुमोदन करेगा। फिजिबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार यह परियोजना 50 वर्ष के लिए कंसेशन कम लीज पर दी जाएगी। इसके मुताबिक पहले 25 वर्ष के लिए और फिर उसके बाद 25 साल का अवधि विस्तार होगा। परिसंपत्तियों का सूची चयनित कंपनी को झारखंड पर्यटन विकास निगम (जेटीडीसी) ट्रांसफर करेगा, जो तय अवधि के बाद समाप्त हो जाएगी। सबलीज की अनुमति नहीं रहेगी, कम से कम दो कमरा जेटीडीसी के लिए मुफ्त इस होटल की परिसंपत्ति के सबलीज की अनुमति नहीं रहेगी। परियोजना के लिए ऋण जुटाने में तय वित्तीय संस्थानों को ही परिसंपत्ति को बंधक रखने की अनुमति होगी। परियोजना के विकास के लिए किसी तरह का सरकार वित्तीय सहयोग नहीं करेगी। निजी क्षेत्र के चयन में पीपीपी परियोजना के विकास के लिए भारत सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक ही काम होगा। चयनित पूंजी निवेशक को बाजार दर पर शुल्क वसूलने की अनुमति जेटीडीसी देगा। चयनित निवेशक कम से कम दो कमरा जेटीडीसी के लिए मुफ्त रखेगा। इसमें एक सूट होगा। इसकी बुकिंग जेटीडीसी की सहमति से ही की जाएगी।

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