जीई रोड पर बहुप्रतिक्षित स्काई वाक का निर्माण शुरू हो गया है। ठेका एजेंसी स्काई वाक के फाउंडेशन और छत पर सीट लगाने का शुरू कर दिया है। इसके साथ ही वेल्डिंग का काम भी चल रहा है। वहीं स्काई वाक के जिन जगहों पर जंग लगा है, वहां पर रेस्टिंग कर उसे ठीक किया जा रहा है। इसके साथ ही स्काई वाक के ऊपरी हिस्से में लगे एक-एक नट बोल्ट, वेल्डिंग, फ्लोरिंग, हुड और फ्लोरिंग फिक्सिंग को चेक करने का काम किया जा रहा है। वहीं गर्डर बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। ये काम पूरा होने के बाद इस पर फ्लोरिंग कर आरसीसी स्लैब डाला जाएगा। स्लैब के ऊपर टाइल्स और दोनों किनारों पर स्टील की रेलिंग लगाई जाएगी। बारिश और धूप से बचाने के लिए ऊपरी हिस्से में पॉलीकार्बोनेट शीट लगेगी। इसके बनने से पैदल चलने वाले करीब 40 हजार से अधिक लोगों को राहत मिलेगी। स्काई वाक के दोबारा निर्माण का काम मई 2025 में शुरू हुआ। तीन महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस काम नजर नहीं आ रहा है। यही कारण है कि अगले 7 महीने में इसका काम पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा। स्काई वाक एक नजर में
{ अंबेडकर अस्पताल से शास्त्री चौक और जीईरोड होते हुए पुराना बस स्टैंड तक बनना है स्काई वॉक।
{ साल 2016-17 में शुरू हुआ 1470 मीटर लंबे स्काई वाक का काम।
{ पहली बार के टेंडर में इस काम को 42.55 करोड़ में आठ माह में पूरा करना था।
{ बाद में ले-आउट में बदलाव हो गया और इसकी लागत बढ़कर 77 करोड़ पहुंच गई।
{ वर्तमान में इसका 50 फीसदी का काम पूरा हो चुका है।
{ दोबारा काम शुरू करने पीडब्ल्यूडी ने 37 करोड़ 75 लाख का टेंडर जारी किया है।
कम समय में बड़े काम कैसे होंगे?
{ स्काई वाक में शास्त्री चौक वाले हिस्से पर रोटरी बनाना।
{ फ्लोरिंग कर आरसीसी स्लैब डालना। स्लैब के ऊपर टाइल्स और दोनों किनारों पर स्टील की रेलिंग।
{ बारिश और धूप से बचाने ऊपरी हिस्से में पॉलीकार्बोनेट शीट।
{ स्काई वाक पर चढ़ने उतरने के लिए 10 जगहों पर सीढ़ी बनाना है।
{ आठ एक्सेलरेटर लगाना है।
{ डीकेएस और मेकाहारा के सामने दो लिफ्ट लगाना है।
{ स्काई वाक के ऊपर गर्डर चढ़ाने का काम ज्यादातर काम रात में, मानसून के बाद आएगी तेजी
फिलहाल निर्माण एजेंसी स्काई वाक का काम रात में कर रही है। रात में ट्रैफिक कम होता है, इसलिए जहां काम शुरू किया जाता है, उस हिस्से को ब्लॉक कर काम पूरा किया जा रहा है। ज्ञात हो कि इस रोड पर सुबह 9 बजे से रात लगभग 11 बजे तक जबरदस्त ट्रैफिक का दबाव रहता है। वर्तमान में एजेंसी ट्रैफिक डायवर्ट नहीं कर रही है। पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि फरवरी 2026 में पूरा करना है।


