भास्कर न्यूज | गिरिडीह पचंबा–गिरिडीह मुख्य सड़क पर बन रही फोरलेन सड़क का कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है, लेकिन कई जगहों पर नवनिर्मित डिवाइडर टूटने लगे हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोग इसे ठेकेदार और विभाग की लापरवाही बता रहे हैं। पचंबा के कल्याणडीह से गिरिडीह टावर चौक तक 6.7 किमी लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण करीब 39 करोड़ की लागत से हो रहा है। दोनों ओर 7-7 मीटर चौड़ी दो लेन की सड़क के बीच 1 मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जा रहा है। साथ ही दोनों किनारों पर 1-1 मीटर चौड़े नाले और एलईडी लाइट लगाने के साथ बिजली के खंभों का भी निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना वर्ष 2024 में शुरू हुई थी और अब तक लगभग 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। स्थानीय मुकेश साहू, दीपक साह, पवन कंधवे, इरफान आलम, मुकेश चंद्रवंशी और संजय साहू सहित कई नागरिकों ने बताया कि महज तीन महीने में ही डिवाइडर टूटने लगे हैं। इससे स्पष्ट है कि निर्माण में लापरवाही बरती गई है। उन्होंने कहा कि अधूरे नाले और ऊंची सड़क के कारण बारिश का पानी मंदिरों, दुकानों और घरों में घुस रहा है। स्थानीय लोग और राहगीरों ने बताया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच हो और जल्द से जल्द नाले का निर्माण पूरा कर पानी निकासी की समस्या का समाधान किया जाए। साथ ही टूटे डिवाइडरों की मरम्मत की मांग भी की जा रही है, ताकि हादसों से बचा जा सके।


