संपत्ति विवाद को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में एसडीजेएम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी सुमित उपाध्याय, हिमांशु बजरंग उपाध्याय और आशा देवी को दोषी करार दिया है। कोर्ट में तीनों के खिलाफ जुर्माना लगाया है। मामला 30 जून 2020 का है। अभियोजन के अनुसार पीड़ित विश्वनाथ तिवारी पर उनकी बहु गुंजन प्रिया, उसका भाई सुमित उपाध्याय, सहयोगी हिमांशु बजरंग और मां आशा देवी लगातार संपत्ति की मांग कर रहे थे। जब विश्वनाथ तिवारी ने संपत्ति देने से इनकार कर दिया, तो विवाद बढ़ गया। इसी दौरान सुमित उपाध्याय ने गुस्से में आकर चाकू से हमला कर विश्वनाथ तिवारी को घायल कर दिया था। पीड़ित ने जगन्नाथपुर थाने में मामला दर्ज कराया था। कोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद सभी आरोपितों को दोषी ठहराते हुए जुर्माना लगाया है।


