श्री अकालतख्त पर अभी तक पेश नहीं हुए भाषा विभाग के डायरेक्टर जसवंत

भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार के भाषा विभाग के डायरेक्टर जसवंत सिंह जफर को 6 अगस्त को तख्तों के सिंह साहिबान की हुई बैठक में पेश होने की हिदायत के बावजूद वह अभी तक श्री अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज के समक्ष पेश नहीं हुए हैं। जबकि जसवंत सिंह को 6 अगस्त को सिंह साहिबान के समक्ष खुद पेश होकर स्पष्टीकरण देने की हिदायत दी गई थी। गौरतलब है कि अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस व जसवंत सिंह को 24 जुलाई को पंजाब सरकार की ओर से श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शताब्दी को समर्पित श्रीनगर में करवाए गए धार्मिक समागम में मर्यादा का घोर उल्लंघन होने के नतीजतन 6 अगस्त को अकाल तख्त पर खुद पेश होकर स्पष्टीकरण देने की हिदायत दी गई थी। उक्त दोनों पर धार्मिक समागम के दौरान स्टेज से भंगड़ा-गिद्दा पेश किए जाने के बजर गुनाह के चलते पेश होने की हिदायत दी थी। उक्त हिदायतों के तहत मंत्री बैंस तो पेश हो गए थे, लेकिन किसी कारणवश जसवंत सिंह पेश नहीं हो सके थे। डायरेक्टर जसवंत सिंह ने कहा है कि निकट भविष्य में जब भी जत्थेदार गड़गज्ज द्वारा श्री अकाल तखत पर उन्हें तलब किया जाएगा अब वह बिना किसी देरी के पेश हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह निमाने सिख की तरह अकालतख्त पर पेश होकर हुई गलती के लिए माफी मांगेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए अकाल तख्त सर्वोच्च है वह अकालतख्त के आदेशों की अवहेलना करने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी कारणवश अकालतख्त पर पेश नहीं हो पाए थे अब उन्होंने ना सिर्फ अपना लिखित स्पष्टीकरण अकाल तख्त को भेज दिया है बल्कि पेश होने की इच्छा भी जताई है।

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