जिले में 11 साल बाद शिक्षक प्रमोशन की सूची बनी, अब नई नियमावली में अटकी

भास्कर एक्सक्लू​िसव जिले में 11 सालों से सरकारी शिक्षकों का प्रमोशन लंबित है। शिक्षकों का प्रमोशन 2014 के बाद नहीं किया गया है। इससे शिक्षकों में निराशा है। इनमें कई शिक्षक कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। शिक्षा सचिव के निर्देश पर प्रमोशन के लिए पहले तो विभाग की ओर से 1421 शिक्षकों की वरीयता सूची बनी थी। जिला शिक्षा स्थापना समिति से अनुमोदित कराकर उसे अंतिम अनुमोदन के लिए आरडीडी हजारीबाग भेजा गया। लेकिन आरडीडी कार्यालय में भेजी गई वरीयता सूची में वरीयता के क्रमांक में त्रुटि पाई गई, तो उसे सुधारने के लिए पुन: डीएसई कार्यालय, बोकारो को वापस कर दिया गया। इसी बीच विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली-2025 आ गई। अब इसी नियमावली के तहत प्रमोशन दिया जाएगा। इसलिए फिर से शिक्षकों की वरीयता सूची बनाने की तैयारी में विभाग लग गया है। अब इसमें चार माह का समय तो आसानी से लग जाएगा। वहीं ग्रेड-4 में 275 शिक्षकों को प्रमोशन मिलेगा। इसकी वजह से साइंस, भाषा और कला के शिक्षक स्कूलों को मिलेंगे। वहीं ग्रेड-3 में 500 से अधिक शिक्षकों को प्रमोशन मिलने की संभावना है। नई नियमावली के आधार पर वरीयता सूची बनेगी जिले में 116 प्रधानाध्यापकों का पद है रिक्त जिले में मध्य विद्यालयों के लिए 116 पद स्वीकृत हैं। लेकिन जिले में एक भी स्थायी प्रधानाध्यापक कार्यरत नहीं हैं। सभी स्कूल प्रभार में चल रहे हैं। शिक्षकों का प्रमोशन के बाद भी जिले के मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के स्वीकृत 116 पद पर स्थापना सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश के बाद ही होंगे। शिक्षकों के भूतकक्षी प्रोन्नति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई वाद लंबित हैं। इन वादों की सुनवाई के क्रम में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ग्रेड 4 से ग्रेड 7 अर्थात प्रधानाध्यापक की प्रोन्नति पर यथास्थिति बहाल रखने का आदेश दिसंबर 2024, जनवरी 2025 एवं फरवरी 2025 में पारित किया गया है। एसएलपी 28798 एवं अन्य मामलों की सुनवाई अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है शिक्षा सचिव ने दिया था सभी डीएसई को निर्देश हाईकोर्ट के निर्देश के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने रांची, लोहरदगा और साहेबगंज को छोड़कर सभी जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया था कि राजकीय प्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षकों की ग्रेड-4 एवं ग्रेड-7 में अविलंब प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी की जाए। वरना दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जिला से इस निर्देश का पालन हुआ, लेकिन नई नियमावली के कारण प्रमोशन का मामला एक बार फिर लटक गया है। हर बार किसी ना किसी अड़चन की वजह से वर्ष 2014 के बाद से अब तक शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हुआ है। इसकी वजह से 5777 शिक्षकों के वेतन में भी किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई। उन्हें हर महीने आर्थिक रूप से नुकसान भी हो रहा है। 318 शिक्षक तो प्रमोशन की आस में सेवानिवृत हो गए हैं। प्रोन्नति मिलने पर रिटायरमेंट के बाद उन्हे लाभ मिलेगा या नहीं इसे लेकर वे संशय की स्थिति में हैं। 2025 में बनी नई नियमावली }16 दिसंबर 2014 के बाद नियुक्त इंटर प्रशिक्षित शिक्षकों में से, जो 6-8 के टेट पास हैं, उनका नाम भी ग्रेड 4 की वरीयता सूची में रहेगा। }प्रधानाध्यापक के पदों में से 50-50 प्रतिशत पद 16 दिसंबर 2014 के पूर्व के शिक्षकों और उसके बाद के 6-8 के शिक्षकों के बीच बांटा गया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *