भास्कर न्यूज|लुधियाना आशा वर्कर्स फैसिलिटेटर्स सांझा मोर्चा पंजाब के आह्वान पर 27 अगस्त को तीसरे दिन भी राज्यभर में रोष प्रदर्शन जारी रहा। मोर्चे की अगुवाई चार कन्वीनरों अमरजीत कौर-रण सिंह वाला (एटक ग्रुप), राणों खेड़ी गिल्लां (ग्रुप सतीश राणा), हरिंदर कौर शतराणा (सीटू) और संतोष कुमारी फिरोजपुर ने की। कन्वीनरों ने कहा कि आशा वर्करें बिना नियमित वेतन के भी स्वास्थ्य विभाग और जनता के बीच सेतु का काम करती रही हैं, लेकिन सरकार उनकी मेहनत और योगदान को नजरअंदाज कर रही है। जनरल सचिव बलवीर कौर गिल ने बताया कि तीसरे दिन भी सरकार का कोई प्रतिनिधि बातचीत के लिए नहीं आया। यदि 31 अगस्त तक बैठक बुलाकर हल नहीं निकाला गया तो मुख्यमंत्री भगवंत मान के हलके संगरूर में घेराव या स्थायी मोर्चे का एलान किया जाएगा। वर्करों ने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा कि उन्हें छठे वेतन आयोग के तहत कम से कम 26 हजार रुपए वेतन पर रेगुलर किया जाए, कटे भत्ते बहाल किए जाएं, फैसिलिटेटर का मानदेय दुगुना किया जाए, केंद्र से मिलने वाला 1000 रुपए भत्ता बढ़ाकर 10 हजार किया जाए, शहरी क्षेत्रों में भर्ती खोली जाए और सेवानिवृत्ति पर 5 लाख रुपए सहायता व पेंशन दी जाए। वर्करों का कहना है कि अगर सरकार ने मांगें न मानीं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।


