नूंह पुलिस ने पकड़े 4 साइबर ठग:राजस्थान और छत्तीसगढ़ के रहने वाले, फर्जी खातों और मोबाइल से ठगी का खुलासा

नूंह जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक नूंह राजेश कुमार के अनुसार यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है और इस तरह के अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा। साइबर थाना प्रभारी ओमवीर के अनुसार, एक टीम अडबर चौक नूंह पर गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक युवक फर्जी अकाउंट बेचने के इरादे से हर्बल पार्क गांव साँख नूंह पहुंचा है। सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत रेड की और मौके से एक संदिग्ध युवक को काबू किया। पूछताछ में उसकी पहचान अशफाक निवासी उचेड़ा, जिला भरतपुर राजस्थान के रूप में हुई। अश्फाक की तलाशी लेने पर दो मोबाइल फोन, पांच फर्जी चेक बुक, एक पासबुक, चार फर्जी एटीएम कार्ड और दो फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए। बरामद मोबाइल फोन की जांच में कई संदिग्ध नंबरों से साइबर ठगी की गतिविधियां सामने आईं। आरोपी से पूछताछ के बाद छत्तीसगढ़ के आरोपियों को किया अरेस्ट थाना प्रभारी ने बताया कि अशफाक से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके साथियों को भी निशाना बनाया और उसी दिन तीन और आरोपियों को दबोच लिया। इनमें महेश्वर सिंह राजपूत बिलासपुर, छत्तीसगढ़, महेश कुमार उर्फ राजू रायपुर, छत्तीसगढ़ और विक्रांत सारथी उर्फ मानु बिलासपुर, छत्तीसगढ़ शामिल हैं। इन आरोपियों के पास से कई बैंक खातों की पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड और दर्जनों मोबाइल फोन मिले। 14 दिन की रिमांड पर लिया पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन से कई चेट, कॉल रिकॉर्ड और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की कॉपियां सुरक्षित कर ली हैं। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह फर्जी खातों और सिम कार्ड की मदद से भोले-भाले लोगों से ठगी करता था। चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

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