प्रदेश सरकार में 14वां मंत्री नियुक्त करने के खिलाफ लगाई गई जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने पूछा कि याचिकाकर्ता बताएं कि उन्होंने अब तक क्या समाज सेवा की है? दरअसल, याचिकाकर्ता ने खुद को समाजसेवी बताया है। प्रदेश की भाजपा सरकार में कुछ दिनों पहले तीन नए मंत्री बनाए गए हैं, इससे कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 11 से 14 हो गई है। इसके विरोध में रायपुर निवासी बसदेव चक्रवर्ती ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से सीनियर एडवोकेट किशोर भादुड़ी और एडवोकेट अभ्युदय सिंह ने पैरवी करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने मोहम्मद अकबर की याचिका पर कहा था कि 13 से अधिक मंत्री नहीं हो सकते। बता दें कि संसदीय सचिव मामले में हाई कोर्ट के फैसले का उल्लेख सुनवाई के दौरान किया गया। याचिका में 14वां मंत्री बनाने को असंवैधानिक बताया गया है। याचिका में सामान्य प्रशासन विभाग, मुख्यमंत्री समेत सभी 14 मंत्रियों को पक्षकार बनाया गया है। जानिए… क्या है नियम
विधानसभा में मंत्रिमंडल के सदस्य कुल सीटों की संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें हैं। इस आधार पर मंत्रिमंडल का प्रतिशत 13.50 है। छत्तीसगढ़ में 20 अगस्त को तीन नए मंत्रियों के शपथ के बाद मंत्रिमंडल की कुल संख्या 14 हो गई है। याचिका में इसे 15 प्रतिशत से अधिक बताया गया है।


