छत्तीसगढ़ के चिरमिरी में हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। हल्दीबाड़ी स्थित पुरानी मस्जिद के मुख्य द्वार के ठीक बगल में गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई है। मस्जिद में रोजाना रात को ईद मिलादुन्नबी का आयोजन होता है। सैकड़ों की संख्या में पुरुष और बच्चे मस्जिद पहुंच रहे हैं। गणेश पंडाल में सुबह-शाम भक्त पूजा-अर्चना के लिए आ रहे हैं। दोनों समुदाय एक-दूसरे के धार्मिक कार्यक्रमों का सम्मान करते हैं। जब भगवान गणेश की पूजा,आरती होती है, तब मस्जिद के लाउडस्पीकर बंद कर दिए जाते हैं। इसी तरह ईद मिलादुन्नबी के कार्यक्रम के दौरान गणेश पंडाल के लाउडस्पीकर बंद रखे जाते हैं। दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में भी शामिल हो रहे हैं। यह सौहार्द का उदाहरण स्पष्ट करता है कि कैसे विभिन्न धर्मों के लोग आपसी सम्मान के साथ एक साथ रह सकते हैं। गणेश पूजा समिति के अध्यक्ष व मस्जिद कमेटी के लोगों का कहना है कि विगत कई वर्षों से हम लोग एक साथ त्योहार मनाते आ रहे हैं . हम अपने युवा पीढ़ी एवं बच्चों को भी आपसी भाईचारे के साथ रहने की शिक्षा देते हैं।


