जालोर में 17 महीने बाद सांचौर फिर शामिल:भजनलाल सरकार ने कैबिनेट बैठक में लिया फैसला, जानिए क्या बोले जनप्रतिनिधि

कांग्रेस सरकार के शासन में बने 17 जिलो में से भजनलाल सरकार ने सांचौर समेत 9 जिलों और 3 संभागों को शनिवार को सरकार की कैबिनेट की बैठक में समाप्त कर दिया। इसके बाद सांचौर की आमजनता व कांग्रेस नेताओं को रोष है। जनअभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा- शनिवार को पूरा देश पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अन्तिम विदाई दे रहा था। इस दौरान राजस्थान में राजस्थान सरकार ने जिले समाप्त करने का फैसला लिया है। जिसकी घोर निंदा करता हूं। ऐसे फैसले लेने से पहले सोचना चाहिए था। गहलोत सरकार ने एक कमेटी बना कर जिले बनाने का फैसला लिया गया था। उसी को भाजपा सरकार ने एक और कमेटी का गठन कर उनके इस निर्णय को पलट दिया। जो उस क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है। अन्तिम छोर पर बैठे लोगों के लिए जिला मुख्यालय करीब 230 किलो मीटर दूर पड़ता है। जिससे किसी काम को लेकर जिला मुख्यालय पर आकर जाने के लिए 2 दिन का समय लगता था। जिसको देखते हुए यह छोटे-छोटे जिले गहलोत सरकार ने बनाए थे। ताकि 230 किलो मीटर दूरी पर बैठे सांचोर के लोगों को जालोर न जाना पड़े। उन्होंने बताया- पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समय एक प्रतापगढ जिला बनाया गया था। जिसमें सिर्फ एक विधान सभा थी। जो बहुत छोटा जिला है। उसके बाद राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आई तो उस जिले को नहीं बदला था। गुजरात राजस्थान से बहुत छोटा राज्य है। जिसके बाद भी उसमें करीब 52 जिले हैं। मेरे अनुसार यह छोटी-छोटी प्रशासनिक इकाइयां होनी चाहिएं। जनता इनको सबक सिखाएगी। अभी 7 दिन का राष्ट्रीय शोक है। 7 दिन बाद आन्दोलन करेंगे। कोर्ट में भी जा सकते हैं। विधानसभा में आवाज उठाएंगे। सांचौर के पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा- महापड़ाव करेंगे सांचौर पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा- जालोर से सांचौर की दूरी 150 किलोमीटर व सांचौर की अन्तिम सीमा से जालोर मुख्यालय की दूरी 230 किलोमीटर है। गहलोत सरकार ने 2023 के बजट में सांचौर को जिला घोषित किया था। राजस्थान में गहलोत सरकार में 17 जिले बने उसमें सबसे सही फैसला सांचौर को लेकर था। इतनी लम्बी दूरी को मानकर गहलोत ने सांचौर को जिला बनाया था। भजनलाल सरकार ने कुल 9 जिलों को निरस्त किया है, जिसमें सांचौर को भी निरस्त किया है। परन्तु अपने गृह जिला भरतपुर के डीग को यथावत रखा है। भजनलाल के गृह जिले के डीग की आबादी 2011 के अनुसार 10 लाख है। सांचौर की आबादी भी 10 लाख है। तो सांचौर निरस्त क्यों और डीग जिला बरकरार क्यों है। इसके अलावा उदयपुर में सलूंबर में आबादी 2 लाख 50 हजार है, पर इसे भी जिला बनाकर यथावत रखा है। खैरथल अलवर से सिर्फ 45 किलोमीटर दर है। इसे भी यथावत रखा है। सांचौर की जनता में आक्रोश है। रविवार को दोपहर 1 बजे जिले को यथावथ रखने की मांग को लेकर ज्ञापन देंगे। जिसके बाद सोमवार से महापड़ाव डालेंगे। भीनमाल से कांग्रेस विधायक समरजीतसिंह ने कहा- जिला बनाने की मांग भीनमाल में पिछले लम्बे समय से चल रही है। हमें सांचौर से कोई तकलीफ नहीं थी। अगर भीनमाल जिला बनता तो भीनमाल व सांचौर सहित सभी उपखण्ड को फायदा होता था। लेकिन सरकार ने जिला समाप्त कर दिया। सांचौर जिला समाप्त कर देने से आगे की उम्मीद ही खत्म हो गई कि आगे भीनमाल जिला बनेगा। उन्होंने बताया- जिले को समाप्त करने की जगह उसमें अन्य क्षेत्र जोड़ते तथा भीनमाल को जिला मुख्यालय बना सकते थे। इससे लोगों को अधिक फायदा होता।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *