भजनलाल सरकार ने शाहपुरा जिले को समाप्त कर उसे फिर से भीलवाड़ा में जोड़ने का आदेश दिया है। इसके बाद शाहपुरा में विरोध शुरू हो चुका है। शाहपुरा से कांग्रेस पदाधिकारियों सहित संघर्ष समिति ने सरकार के इस फैसले पर विरोध जताया है। शनिवार देर शाम प्रदेश सरकार ने 9 जिले और तीन संभाग काम कर दिए। ऐसे में भीलवाड़ा से अलग हुए शाहपुरा जिले को समाप्त करके अब फिर से भीलवाड़ा में शामिल किया गया है। शाहपुरा जिले को समाप्त करने पर शाहपुरा के लोगों ने इसे शाहपुरा के इतिहास के लिए काला दिन बताया है। कांग्रेस ने पर्ची सरकार का फैसला बताते हुए विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। भाजपा जिला अध्यक्ष ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। इसे सराहनीय कदम बताया है। पुरजोर विरोध-करेंगे संघर्ष शाहपुरा नगर अध्यक्ष बालमुकुंद तोषनीवाल ने कहा- कांग्रेस सरकार ने विकास का विकेंद्रीकरण किया था, विकास का एकत्रीकरण नहीं होना चाहिए। गहलोत सरकार ने विकास को सभी क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए शाहपुरा को जिला बनाया।भीलवाड़ा जिला काफी बड़ा जिला था, इसलिए इसे दो टुकड़ों में बांट के शाहपुरा जिला बनाया गया। प्रशासनिक दृष्टि से भी,न्याय की दृष्टि से ये उचित था जनता को जल्दी न्याय मिलता, इसके लिए जिला बनाया था।बीजेपी सरकार ने आज इसको जिला खत्म कर दिया हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। संघर्ष करने की जरूरत पड़ेगी तो संघर्ष करेंगे। आज का दिन शाहपुरा के इतिहास का काला दिन पीसीसी सदस्य प्रतीक जीनगर शाहपुरा ने कहा- शाहपुरा को जिला खत्म करने की जो घोषणा की इसका पुरजोर विरोध करते हैं। आज का दिन शाहपुरा के इतिहास का काला दिन के रूप में मनाया जाएगा। आने वाले समय में जो भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में जो निर्देशन मिलेंगे उसी के तहत विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। डरी हुई है पर्ची सरकार कांग्रेस उपाध्यक्ष दुर्गेश शर्मा ने कहा- राजस्थान की पर्ची सरकार ने यह फैसला लेकर साबित कर दिया कि वो डरी हुई है। जब भारत सरकार ने 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित कर रखा है और कोर्ट में छुट्टियां चल रही हैं। उस दौरान जिले समाप्त करने का निर्णय लेना विकास की लहर को रोकना है। ये लोग गहलोत सरकार ने जो विकास के आयाम स्थापित किए थे, उनको कम करना चाह रहे हैं। लेकिन सरकार लोक कल्याणकारी तब होती है जब वो अपनी लाइन लंबी करती है। पर्ची सरकार ने अशोक गहलोत ने जो काम किया उनकी लाइन को छोटी करके जनता को गुमराह करने में लगे हैं, इसलिए जनता इनको जवाब देगी और कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी। केवल थोथी घोषणा थी- फैसले का स्वागत भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कहा-पिछली कांग्रेस सरकार ने बिना जनमानस को समझे, बिना लोगों से जन संवाद केवल थोथी घोषणाएं की।अपने लोगों को यह बताने के लिए कि हमने कुछ किया है बिना सोचे समझे उन्होंने यह जो फैसला लिया था शाहपुरा को जिला बनाने का उस समय भी हमने काफी विरोध किया था। भारतीय जनता पार्टी सीएम भजनलाल के फैसले का स्वागत करती है। आम जनता में जो वातावरण है इससे भीलवाड़ा जिले में एक अच्छा उदाहरण बनेगा। शुक्रवार देर शाम प्रदेश सरकार ने 9 जिले और तीन संभाग काम कर दिए। ऐसे में भीलवाड़ा से अलग हुए शाहपुरा जिले को समाप्त करके अब फिर से भीलवाड़ा में शामिल किया गया है। शाहपुरा जिले को समाप्त करने पर शाहपुरा के लोगों ने इसे शाहपुरा के इतिहास के लिए काला दिन बताया है। कांग्रेस ने पर्ची सरकार का फैसला बताते हुए विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। भाजपा जिला अध्यक्ष ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है और इसे सराहनीय कदम बताया है। सरकार का निर्णय स्वागत योग्य आशीष उपाध्याय ने कहा- भजनलाल सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है क्योंकि हम यह जानते हैं कि जब भी कोई नया जिला बनता है तो आबादी को भी देखनी होती है। शाहपुरा की इतनी आबादी नहीं है कि नया जिला बनाया जा सके। यदि नए जिलों का निर्माण करते हैं तो वित्तीय भार बढ़ता है। राज्य को नए जिलों के लिए अलग से वित्तीय भार उठाना पड़ता है, नई बिल्डिंग बनाई जाती है, नये अफसर , नए कर्मचारी लगाने पड़ते हैं जाए उन सबका वित्तीय भार आमजन पर पड़ता है। शाहपुरा और भीलवाड़ा की दूरी इतनी नहीं है कि शाहपुरा को जिले का दर्जा दिया जाए। इसलिए हम सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं।


