भास्कर न्यूज | अमृतसर सीएम भगवंत सिंह मान द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति के 3 सचिवों सीनियर आईएएस कमल किशोर यादव, वरन रूजम और बसंत गर्ग ने प्रशासनिक अफसरों संग मीटिंग कर बाढ़ से नुकसान के बारे जानकारी ली। कमल किशोर ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को बचाने में प्रशासन ने अब तक जो काम किया है, वह सराहनीय है। प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे चिकित्सा शिविर लगवाएं। आपदा अनुमान से कहीं अधिक रही है। हालांकि समय पर टीमों के सक्रिय होने से बड़ी जनहानि टल गई। बचाव व राहत कार्यों के साथ-साथ लोगों के पुनर्वास भी करना है। इसलिए सभी विभाग अपने-अपने कार्यों पर काम शुरू कर दें, जिसमें सड़कों, पुलों की मरम्मत, बिजली आपूर्ति की बहाली, पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा सहायता आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा इसके लिए आपको राज्य सरकार से जो भी सहायता चाहिए दिलाया जाएगा। किसी अन्य जिले से स्टाफ या सहायता की जरूरत होगी, तो वह भी आपको तुरंत मिल जाएगी। सचिव बसंत गर्ग ने कृषि विभाग को आगामी सीजन की तैयारी और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग यह भी सुनिश्चित करे कि पशुओं को किसी भी बीमारी से कोई नुकसान न हो। इसके अलावा, पशुओं के चारे की भी व्यवस्था की जाए। डीजल, पेट्रोल और गैस की निरंतर आपूर्ति के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। डीसी साक्षी साहनी ने कहा कि हमने जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्षेत्र में चिकित्सा शिविर लगाने की योजना बनाई है। जो 24 घंटे चलेंगे। इसके अलावा, पशु चिकित्सा विभाग की 20 टीमें बनाई गई हैं, जो क्षेत्र में तैनात रहेंगी। वे पशु देखभाल में रहेंगे और काम करेंगे। इस मौके पर एसएसपी रुरल मनिंदर सिंह, एडीसी जनरल रोहित गुप्ता, एडीसी अमनदीप कौर, एसडीएम गुर सिमरन सिंह ढिल्लों, असिस्टेंट कमिश्नर खुशदीप सिंह व अन्य मौजूद रहे।


