छतरपुर के गुलगंज थाना क्षेत्र में शनिवार शाम को दो पक्षों में विवाद हो गया था। इसके बाद हुई मारपीट में पिता-पुत्र घायल हो गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने थाने में केस दर्ज नहीं किया। वहीं जिला अस्पताल में डॉक्टर ने शिकायत दर्ज करने के बाद ही इलाज करने की बात कही। ग्राम पंचायत बांदा निवासी शिवलाल पिता गज्जू अहिरवार (55) ने बताया कि वह और उसका बेटा राजेश अहिरवार खेती और मजदूरी करते है। शनिवार की शाम को गांव में दो पक्षों में विवाद हुआ था। तभी गांव के छन्नू अहिरवार ने एक लड़के को थप्पड़ मारकर फरार हो गई। उसने आराेप लगाया कि इस बात से नाराज ग्राम पंचायत विक्रमपुरा के सरपंच लखन अहिरवार और 2 महिलाओं सहित 8 लोगों ने रात 8 बजे छन्नूलाल की गांव में तलाश की। जब वह नहीं मिला शिवलाल के घर में घुसकर दोनों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट कर दी। पुलिस पर शिकायत दर्ज नहीं करने का आरोप शिवलाल ने आराेप लगाया कि मारपीट की घटना के बाद वह अपने बेटे के साथ गुलगंज थाने शिकायत करने के पहुंचा। जहां पुलिस ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए वहां से भगा दिया। जिसका उनके पास वीडियो भी है। इसके बाद रविवार की दोपहर 1 बजे शिवलाल और उसका बेटा राजेश घायल अवस्था में इलाज करने के लिए जिला अस्पताल आए, जहां डॉक्टर ने उसे रिपोर्ट करने के लिए वापस गुलगंज भेज दिया। मामले में गुलगंज थाना प्रभारी गुरुदत्त शेषा ने बताया- शिवलाल के परिवार के 8 लोगों पर मारपीट की धाराओं मामला दर्ज किया गया है। इन लोगों ने शनिवार रात में अपने रिश्तेदारों के साथ मारपीट की थी। जिसमें 7 लोग घायल हुए थे। जिसमें से एक जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती है, 6 लोग बड़ामलहरा अस्पताल में भर्ती है।


