भास्कर न्यूज | रामगढ़ बाजार में बढ़ते नशीले दवाओं व इंजेक्शन की बिक्री पर रोक लगाने की मांग खुदरा दवा विक्रेताओं ने डीसी, सिविल सर्जन, ड्रग इंस्पेक्टर सहित स्वास्थ्य मंत्रालय से की है। जिसके लिए तीस से ज्यादा खुदरा दवा विक्रेताओं ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन भी दिया है। इसमें खुदरा दवा विक्रेताओं ने लिखा है कि थोक दवा विक्रेता नियमों को ताक पर रखकर अनधिकृत रूप से व्यापार कर रहे हैं। इतना ही नहीं जिन दुकानों में सर्जिकल व जेनेरिक मेडिसिन का कारोबार होता है, वे बिना लाइसेंस वालों को सभी प्रकार के दवाओं की आपूर्ति कर रहे हैं। जिससे प्रतिबंधित दवाइयां बाजार में युवाओं के हाथ लग रहे हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्र तेजी से प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार जारी है। जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर संकट दिख रहा है। वहीं दर्जनों युवा वर्ग के लोग नशीली दवाओं के सेवन कर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। जिसपर रोक लगाने के लिए पहल जरूरी है।


