भास्कर न्यूज | अमृतसर जिले में लगातार भारी बरसात से रावी दरिया उफान पर आ गया और सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। इसके साथ ही शहरों में कच्चे मकान भी प्रभावित हो रहे हैं। अमृतसर पूर्वी हलके के वल्ला स्थित वाल्मीकि मंदिर खूही वाली पत्ती में रहने वाली परमिंदरजीत कौर का मकान भी इस आपदा की चपेट में आ गया। इस संबंध में उन्होंने बताया कि उनके 2 कमरों वाले कच्चे घर की छत सोमवार को तेज बरसात के कारण गिर गई। उन्होंने बताया कि वह अपने 3 बेटों के साथ यहां रहती है। उनके बेटे मेहनत-मजदूरी कर घर का खर्च चलाते हैं और बमुश्किल परिवार का गुजारा होता है। अब छत गिरने के बाद उनके सिर से आशियाना ही छिन गया है। परमिंदरजीत कौर का कहना है कि टूटी हुई छत को दोबारा बनाने में काफी खर्च आएगा, जो उनकी सामर्थ्य से बाहर है। उन्होंने जिला प्रशासन और हलका विधायक जीवनजोत कौर से मांग की है कि उनके घर को दोबारा बनाने में आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि परिवार को सुरक्षित छत मिल सके।


