जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से शनिवार को सिविल कोर्ट, रांची में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान एवं झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने ऑनलाइन माध्यम से किया। इस अवसर पर सिविल कोर्ट, रांची के डालसा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने झारखंड पीड़ित मुआवजा (संशोधन) योजना-2019 के तहत 12 पीड़ितों को 27,15,000 रुपए की राशि का चेक प्रदान किया। वहीं, वाहन दुर्घटनाओं से प्रभावित 82 पीड़ितों के बीच 8.70 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि का वितरण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए गठित सभी बैंकों के माध्यम से सिविल कोर्ट रांची में लंबित 40,836 मुकदमों का निष्पादन किया गया । इसके अलावा 2 लाख से अधिक (2,08,097) प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निष्पादन किया गया। लंबित और पूरी लिटिगेशन मामलों का निष्पादन करते समय पक्षकारों के बीच दो अरब 96 करोड़ 58 लाख 41 हजार 924 का सेटलमेंट भी हुआ । राष्ट्रीय लोक अदालत ने अलग रह रहे दो दंपतियों को िमलाया। अधिवक्ता तमन्ना ने ओरिजिनल मेंटेनेंस वाद संख्या 385/2024 जिसमें प|ी सुषमा उरांव और पति राजू उरांव अलग रह रहे थे और फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले के दोनों पक्षकारों पति-प|ी सुषमा उरांव और राजू उरांव को आपस में समझौता कराते हुए दोनों को फिर से साथ रहने के लिए तैयार कर लिया गया।


