भास्कर न्यूज | पटना बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन (जेआरसी) की सहयोगी संस्था होलिस्टिक एक्शन फॉर रिसर्च व डेवलपमेंट ने एक अनूठी पहल की है। संस्था ने कोरिया जिले के बैकुंठपुर स्थित पटना क्षेत्र के 84 गांवों के प्रमुख मंदिरों के पुजारियों और कमेटी सदस्यों के माध्यम से लोगों से बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने और अपने बच्चों का विवाह सही उम्र में करने का आह्वान किया है। मंदिरों से दिए गए संदेश में कहा गया कि बाल विवाह समाज के लिए एक अभिशाप है, जो लड़के और लड़की दोनों के विकास पर बुरा असर डालता है। पुजारियों ने विशेष रूप से लड़कियों के जीवन पर पड़ने वाले कुप्रभावों को उजागर किया, जैसे कि पढ़ाई का रुक जाना, बाल श्रम का शिकार होना, शारीरिक और मानसिक विकास का अवरुद्ध होना। उन्होंने यह भी बताया कि कम उम्र में गर्भधारण से जीवन को खतरा होता है और कुपोषण का दुष्चक्र शुरू होता है। इस अभियान के तहत, पुजारियों और ग्रामीणों ने मिलकर हम बाल विवाह के खिलाफ एक हैं और हमेशा रहेंगे की शपथ दोहराई। सुशील शर्मा के अनुसार, यह अभियान 12 से 14 सितंबर, 2025 तक चलेगा। इस दौरान कोरिया जिले के सभी प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर धर्मगुरुओं के साथ मिलकर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत किया जा सके। जागरूकता कार्यक्रम में शामिल मंदिर के पुजारी, जनप्रतिनिधि और अन्य।


