एकाउंट हैक का खतरा:UGC ने साइबर खतरों से बचने के लिए छात्रों को किया अलर्ट; पासवर्ड याद रखें जैसे विकल्पों पर क्लिक नहीं करें

डिजिटल युग में साइबर खतरों को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) नई दिल्ली ने मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फार्मेसी, आयुर्वेद, कृषि, वेटरनरी, संस्कृत, स्किल, विधि और पत्रकारिता एवं जनसंचार के छात्रों को अलर्ट जारी किया है। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर लगे वाई-फाई का उपयोग करके न तो मेल एकाउंट खोले और ना ही नेट बैकिंग का उपयोग करें। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर लगे यूएसबी चार्जिंग प्वाइंट से मोबाइल चार्ज करने पर भी एकाउंट हैक होने का खतरा है। मुझे याद रखें या पासवर्ड याद रखें जैसे विकल्पों पर भूलकर भी क्लिक नहीं करें। अपने ब्राउजर पर बैंकों या उपयोगिता सेवा प्रदाताओं के ग्राहक सेवा नंबरों की खोज नहीं करें। इसके बजाय इसे देखने के लिए स्रोत वेबसाइट पर जाने और मुफ्त वाई-फाई या फिर सार्वजनिक वाई-फाई जोन में वित्तीय लेन-देन नहीं करें। यूजीसी ने राजस्थान समेत देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला, सेमिनार और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए है। क्यों पड़ी जरूरत साइबर हमलों का शिकार होने वालों में बड़ी संख्या में मेडिकल और उच्च शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राएं हैं। क्योंकि वे रोजाना एंड्राइड मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं। युवा पीढ़ी विवि कैंपस में मिलने वाली जानकारियों को अपने परिजनों और जानकारों में साझा कर बढ़ रहे मामलों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते है। छात्र, शिक्षक और स्टाफ को पहले से जागरूक किया जा रहा है राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) के कुलपति डॉ.धनन्जय अग्रवाल, राजस्थान विश्वविद्यालय एवं डॉ.भीमराव अंबेडकर विधि विवि की कुलपति प्रो.अल्पना कटेजा ने साइबर के बढ़ रहे खतरों के कारण सतर्क रहने की अपील की है। प्रो.कटेजा ने बताया कि राजस्थान विश्वविद्यालय, डॉ.सीबीएम साइबर फाउंडेशन जयपुर और इंडियन इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (सीईआरटी-इन) के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ को जागरूक किया जा रहा है।

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