आदिवासी अस्मिता बचाने के लिए भाषा, संस्कृति व परंपरा का करें पालन: रावेल

भास्कर न्यूज | ठेठईटांगर प्रखंड के बाघचट्टा डेम्बूटोली टोंगरी में रविवार को क्रुस विजय दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और हॉकी खेल का आयोजन हुआ। मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि सह अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष रावेल लकड़ा व अन्य नेतागण शामिल हुए। कार्यक्रम में सर्वप्रथम फादर गिल्बर्ट बरला ने मिस्सा अनुष्ठान सहित सभी धार्मिक गतिविधियों का संचालन किया। वहीं सहयोगी के रूप में फादर तेजकुमार तिग्गा मौजूद रहे। इस दौरान अतिथि का स्वागत मंडलियों के सदस्यों द्वारा पारम्परिक नृत्य संगीत व माला पहनाकर किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इस दौरान विभिन्न मंडलियों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।मौके पर अपने संबोधन में विधायक प्रतिनिधि रावेल लकड़ा ने आदिवासी अस्मिता की रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी अस्मिता को बचाने के लिए हमें अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं का पालन करते हुए इसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाकर संरक्षित करना होगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह लगातार आदिवासियों की एकता और अखंडता को तोड़ने की साजिश रच रहा है। डिलिस्टिंग के नाम पर धर्म आधारित राजनीति कर ईसाई-आदिवासियों को उनके अधिकारों से वंचित रखने का प्रयास किया जा रहा है।मौके पर प्रचारक रंजीत एक्का, संदीप लकड़ा, जिप सदस्य अजय एक्का, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश सचिव जमीर खान, जमीर हसन, प्रमुख बिपिन पंकज मिंज, जॉन लकड़ा, बेनेदिक लकड़ा, जेरोम मिंज, सुनील जोजो, लोरेंग डुंगडुंग, रेने टेटे, तेजकुमार टोप्पो, बिमल बाड़ा, सोभित लकड़ा, कतरीना कुजुर, सोसन केरकेट्टा, तेलेस्फोर बा सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। भास्कर न्यूज |गुमला खड़िया समन्वय समिति, झारखंड की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को संत पॉल कॉलेज, कोनबीर नवाटोली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष डॉ. चंद्र किशोर केरकेट्टा ने की। इस मौके पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 19 से 22 अक्टूबर 2025 तक तीन दिवसीय खड़िया यूथ सम्मेलन का आयोजन कोनबीर नवाटोली, गुमला में किया जाएगा। इस सम्मेलन में गुमला, सिमडेगा, रांची समेत विभिन्न जिलों से खड़िया समाज के युवा-युवतियों की बड़ी भागीदारी रहने की संभावना है। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डॉ. चंद्र किशोर केरकेट्टा ने कहा कि खड़िया समाज को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय युवाओं का होगा। यदि युवा समाज के कार्यों को जानेंगे और समझेंगे तभी समाज तरक्की कर पाएगा। डॉ. केरकेट्टा ने युवाओं और युवतियों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि युवा ही समाज की असली ताकत हैं। महासोहोर कुलकांत केरकेट्टा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि खड़िया समाज को सशक्त बनाने के लिए गुमला, सिमडेगा और रांची जिलों के लोगों को एक मंच पर आना होगा।एकजुटता के बिना समाज को मजबूती नहीं मिल सकती। उन्होंने इस सम्मेलन को खड़िया समाज को जोड़ने का बड़ा अवसर बताया। भाषा और संस्कृति संरक्षण पर बल देते हुए बासिल किड़ो ने कहा कि यदि खड़िया समाज को बचाना है तो सबसे पहले अपनी भाषा को बचाना होगा। बैठक में समाज के कई प्रमुख लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। उपस्थित लोगों में रतिया खड़िया, ललित केरकेट्टा, संजीत केरकेट्टा, सोमरा खड़िया, एलिजाबेथ, अघनु खड़िया, ओजोन कुल्लू, मनरोहन किड़ो, सुमन कुल्लू, दयाल केरकेट्टा, अनमोल सोरेंग, राजेश कुल्लू, लिब्यानुश कुल्लू, जेम्स केरकेट्टा, जॉन अगुस्तीन टेटे, सुचिता कुल्लू, एस्टानिस्लास एंदवार, इलियास बा, रजत कुमार टेटे, अजय खड़िया और मैजूत शामिल थे। बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि सम्मेलन के माध्यम से युवा वर्ग को समाज के उत्थान, शिक्षा, संस्कृति और भाषा संरक्षण की दिशा में जागरूक किया जाएगा।

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