गुरमीत लूथरा| 63 वर्षीय पर्यावरण प्रेमी गुरिंदर सिंह भाटिया ने शहर के प्रदूषण को कम करने और हरियाली बढ़ाने के लिए एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने अपनी जेब से 7 लाख रुपए खर्च करके एक साल पहले का टैंकर खरीदा है ताकि पौधों को पानी की कमी न हो और वे वृक्ष बन सकें। अब जब भी उनके परिचित या लायंस क्लब के साथी उन्हें पौधों को पानी देने के लिए बुलाते हैं, वह तुरंत टैंकर भेज देते हैं। भाटिया ने यह टैंकर लायंस क्लब विशाल को समर्पित कर दिया है, लेकिन लोग अभी भी पौधारोपण के लिए उनसे ही संपर्क करते हैं। टैंकर के रखरखाव और पानी पहुंचाने के लिए उन्होंने एक ड्राइवर और एक माली भी नियुक्त किया है, जिनका मासिक वेतन 25,000 रुपए लायंस क्लब विशाल द्वारा दिया जाता है। गुरिंदर सिंह भाटिया को समाज सेवा की प्रेरणा अपने माता-पिता, हरनाम सिंह और जोगिंदर कौर से मिली। वे बताते हैं कि उनके पिता किसी भी जरूरतमंद को कभी खाली हाथ नहीं लौटाते थे और मात्र 17-18 साल की उम्र में माता पिता को सेवा को उन्होंने भी अपनाया है। गुरिंदर सिंह भाटिया का जीवन और उनकी सेवाएं यह दर्शाती हैं कि अगर दिल में समाज सेवा का जुनून हो, तो हर व्यक्ति अपने तरीके से एक सकारात्मक बदलाव ला सकता है। पेशे से सरकारी ठेकेदार होने के बावजूद भाटिया लायंस क्लब्स 321-डी के वाइस गवर्नर के मानद पद पर भी हैं। दो दशकों में ही उन्होंने एक सदस्य से गवर्नर तक का सफर तय किया है। लायंस क्लब विशाल के माध्यम से, वे अटारी के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्लस वन और टू के 10 से अधिक जरूरतमंद छात्रों की पढ़ाई का खर्च भी उठाते हैं। वहीं गुरिंदर सिंह भाटिया एक अक्टूबर से माल मंडी में जरूरतमंद बच्चियों को स्व-रोजगार देने के लिए एक इवनिंग फ्री सिलाई-कढ़ाई केंद्र खोलने जा रहे हैं। शुरुआत में यहां कुछ प्राथमिक बच्चों को मुफ्त शिक्षा भी दी जाएगी। इसके लिए उन्होंने माल मंडी में चार कमरों वाले दो फ्लैट खरीदे हैं। यह केंद्र दोपहर 3 से 5 बजे तक चलेगा।


