भास्कर न्यूज | जांजगीर जिला न्यायालय, सभी तालुका न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में तीसरे नेशनल लोक अदालत का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार किया गया। इस आयोजन में कुल 52,029 प्रकरण रखे गए, जिनमें से एक ही दिन में 39,971 प्रकरणों का निराकरण कर न्याय वितरण में नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। जिला न्यायालय जांजगीर में आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शक्ति सिंह राजपूत ने लोक अदालत की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह आयोजन न्याय को सुलभ, त्वरित और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, जिला प्रशासन और विभागों से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण में सहयोग की अपील की। इस वर्ष के आयोजन में रखे गए प्रकरणों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक रही। एक ही दिन में 76.8 प्रतिशत मामलों का समाधान हुआ। आपसी समझौते, मध्यस्थता और न्यायालयीन निर्णयों के माध्यम से विभिन्न विवादों का निपटारा किया गया। ए.डी.आर. भवन के सामने नालसा की योजनाओं के तहत मानसिक रूप से बीमार और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं तथा गरीबी उन्मूलन के लिए विधिक सेवाओं पर जागरूकता स्टॉल लगाए गए। समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगजनों को बैसाखी वितरित की। लोक अदालत में मामलों का तुरंत होता है निपटान प्रधान जिला न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत ने कहा कि नेशनल लोक अदालत न केवल न्यायालयीन मामलों के त्वरित निपटान में सहायक है, बल्कि यह सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसामान्य की जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने आयोजन में जिला प्रशासन, न्यायालय और विभागों की भूमिका की सराहना की। लगभग 77% मामलों का निपटारा हुआ।


