युवा कलाकारों ने गाए मोहम्मद रफी के तराने:उस्ताद जाकिर हुसैन को समर्पित संगीत आश्रम संस्थान के शास्त्रीय संगीत समारोह का समापन हुआ

संगीत आश्रम संस्थान की ओर से संस्थान परिसर में चल रहे उस्ताद जाकिर हुसैन को समर्पित तीन दिवसीय शास्त्रीय संगीत समारोह का समापन युवा कलाकारों ने अपनी गायकी से किया। आखिरी दिन अपने दौर के संगीतकार नौशाद के संगीतबद्ध और गायक मोहम्मद रफी के गाए गीतों का सुरूर छा गया। युवा संगीतकार वत्सल अनुपम के निर्देशन में सजे इस कार्यक्रम में इसी संस्थान के कई बाल व युवा कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सदाबहार गीतों की मेलॉडी से समूचे परिसर को सराबोर कर दिया। सुहानी रात ढल चुकी शीर्षक से कार्यक्रम में कलाकार रियाशीं अग्रवाल ने फिर तेरी कहानी याद आई, वनिता हीरानी ने जवां है मुहब्बत, कशिश कंवर ने मोहे पनघट पे, जयति कुमारी ने मधुबन में राधिका नाचे, वरुण जांगिड़ ने कोई सागर दिल को, खुशबू कंवर ने गुनगुना रहे हैं, निहाल कुमावत ने टूटे ख्वाबों, सुमित्रा कुमावत ने सुहानी रात ढल चुकी, अंजली शर्मा ने कल के सपने, साधना रावल ने जब प्यार किया तो डरना, रजनी कुमावत ने इशारों इशारों में, ममता शर्मा ने वो जब याद आए, मिन्टु मंडल ने आने से उसके आए बहार जैसे गीतों की अपनी आवाज में सुरीली प्रस्तुति देकर माहौल में बॉलीवुड संगीत का तिलिस्म घोल दिया। कार्यक्रम में भूमिका, नरेन्द्र सिंह,हिमांशु वर्मा, पुष्पेन्द्र सिंह, विमर्श स्वामी और लक्ष्य शर्मा ने गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में की-बोर्ड पर शेर मोहम्मद, गिटार पर आलिया खान, तबले वरुण जांगिड़ और हारमोनियम पर वत्सल अनुपम ने प्रभावी संगत की। संचालन वीना अनुपम ने किया। अंत में संस्थान सचिव अमित अनुपम ने सभी आगन्तुकों का आभार जताया।

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