भास्कर न्यूज| कोंडागांव जिले के मर्दापाल ग्राम पंचायत के ग्राम पदेली के आंगनबाड़ी केंद्र में शुक्रवार को करंट लगने से हुई ढाई साल की बच्ची की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। सुओ मोटो के तहत जनहित याचिका दर्ज की है। हाईकोर्ट ने प्रशासन से जवाब मांगा है। आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर खुले पड़े तार को छूने से ढाई वर्षीय महेश्वरी यादव की मौत हो गई थी। इस घटना को भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते पीआईएल दर्ज कर ली है। भास्कर ने बताया था कि खुले तार और खराब फिटिंग की शिकायतों के बावजूद अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को बर्खास्त करने के साथ ही सुपरवाइजर को भी निलंबित कर दिया था। हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने ठोस रणनीति बनाने की जरूरत पर जोर दिया। न्यायालय ने कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं, बल्कि इसके प्रति व्यापक निवारक उपाय जरूरी है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की संयुक्त खंडपीठ ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को 22 सितंबर को हलफनामा दाखिल करने आदेशित किया है। बताना होगा कि ऐसी घटना को रोकने क्या कदम उठाए गए हैं।


