मानसून सीजन में 126 लोग सर्पदंश के शिकार शुरुआती 60 मिनट में इलाज से बच रही जान

भास्कर न्यूज | जालंधर बरसात के दिनों में बिलों में पानी जाने और बड़ी झाड़ियों के कारण अक्सर सांप पार्कों व रास्तों के किनारे मिल जाते है। घरों के अंदर भी आ जाते हैं। जिससे सर्पदंश के मामले सामने आते हैं। जालंधर में सितंबर तक 126 मामले आ चुके थे। सिविल अस्पताल में एंटी वेनम टीका लगवाने व जीवन रक्षक इलाज से जिंदगी बच जाती है। सेहत विभाग इन दिनों जागरूकता सप्ताह मनाकर लोगों को चेतन कर रहा है। सिविल सर्जन (कार्यकारी) डॉ. रमन गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 15 से 19 सितंबर तक जागरूकता सप्ताह आरंभ किया है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि सांप के काटने पर लोगों की प्रतिक्रिया सांप के काटने से भी अधिक खतरनाक होती है। आज भी बहुत से लोग तांत्रिकों या घरेलू नुस्खों पर विश्वास करते हैं। वह इसके जरीए इलाज आरंभ कर देते हैं। इस प्रक्रिया में जहर शरीर में फैल जाता है। फिर इलाज मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगर सांप के काटने के शुरुआती 60 मिनट के अंदर इलाज मिल जाए तो पीड़ित की जान बचाना आसान होता है। धड़कन बढ़ने से जहर शरीर में तेजी से फैलता है सांप के काटने पर सबसे पहले मरीज को शांत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि डर से दिल की धड़कन बढ़ जाती है, जिससे जहर पूरे शरीर में तेजी से फैलता है। सांप से दूर हट जाएं और उसे मारने की कोशिश न करें। घाव को कसकर न बांधें, क्योंकि इससे ऊतक क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। सांप के काटने वाली जगह को पट्टी की मदद से स्थिर कर दें। उन्होंने कहा कि जब सांप काटे तो जहर को मुंह से चूसने की कोशिश न करें। कोई भी देसी दवा या जड़ी-बूटी न लगाएं। बर्फ, तेल या गर्म पानी का इस्तेमाल न करें। खुद दवा न लें और घरेलू नुस्खों पर समय बर्बाद न करें। तुरंत सरकारी एंबुलेंस हेल्पलाइन 104 पर कॉल करके बुलाएं। सिविल अस्पताल जालंधर के आपातकालीन विभाग में एंटी-वेनम वैक्सीन का पूरा स्टॉक उपलब्ध है। लोग सीधे अस्पताल आएं। इलाज मुफ्त है। समय पर इलाज से जान बच सकती है। एंटी-वेनम वैक्सीन सबसे कारगर इलाज है, जो सिर्फ अस्पताल में ही उपलब्ध है।

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