हरदा में वरिष्ठ नागरिक पेंशन एसोसिएशन ने संयुक्त कलेक्टर सतीश कुमार राय को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की छठी अनुसूची की धारा 6 को समाप्त करने की मांग की है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पी.सी. पोर्ते ने बताया कि वर्तमान में पेंशनरों को महंगाई राहत के भुगतान से पहले छत्तीसगढ़ से सहमति लेनी पड़ती है। यह प्रक्रिया तत्कालीन मध्यप्रदेश के वित्त सचिव ए.पी. श्रीवास्तव द्वारा शुरू की गई थी। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि वर्ष 2000 से पहले ऐसी कोई सहमति नहीं ली जाती थी। भारत सरकार ने 13 नवंबर 2017 के पत्र में स्पष्ट किया है कि अधिनियम में ऐसी सहमति का कोई प्रावधान नहीं है। एसोसिएशन ने मांग की है कि इस अवैधानिक परंपरा को समाप्त किया जाए। पेंशनरों को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत दरों के अनुसार नियमित रूप से महंगाई राहत दी जाए। कार्यक्रम में प्रदेश मीडिया प्रभारी आर.वी. सगर, संभागीय सचिव रमेश मसकोले, मीडिया प्रभारी बी.एल. गुर्जर, कोषाध्यक्ष हरिराम मंडराई, तहसील अध्यक्ष शैलेन्द्र बांके समेत कई सदस्य मौजूद थे।


