भास्कर न्यूज | रोपड़ जिला रोपड़ की सांझा फ्रंट पंजाब से जुड़ी विभिन्न संगठनों की यूनियनों के नेताओं ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री को अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर रोपड़ के माध्यम से मांगपत्र सौंपा। नेताओं ने अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर रोपड़ पूजा सियाल को मांगपत्र सौंपते हुए मांग की कि पंजाब के 20 जिलों के लगभग 2500 गांवों के किसानों और नागरिकों को हुए भारी जानी, आर्थिक और कृषि संबंधी नुक़सान की भरपाई सरकार करे। मांगपत्र में कहा गया कि बाढ़ से हुए जानी नुकसान का 20 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए। किसानों की खराब हुई फसलों का 50,000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। खेतों में जमा हुई गाद/रेत को निकालने के लिए 10,000 रुपए प्रति एकड़ सहायता दी जाए। बेजमीन परिवारों को 50,000 रुपए प्रति परिवार मुआवजा दिया जाए। बाढ़ में बह गई या मर गई भैंसों/गायों का 1,00,000 रुपए प्रति पशु और अन्य पशुओं का 20,000 रुपए प्रति पशु मुआवजा दिया जाए। बाढ़ से गिरे मकानों का 5,00,000 रुपए प्रति मकान मुआवजा दिया जाए और बाकी प्रभावित लोगों को भी आर्थिक राहत प्रदान की जाए। बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों की इमारतों की मरम्मत व रंग-रोगन के लिए विशेष अनुदान जारी किए जाएं। पंजाब की क्लास-4 की समाप्त की गई 8,635 पोस्टों को बहाल किया जाए। इस अवसर पर मांग पत्र सौंपने में साथी सुखदेव सिंह सुरतापुरी (जिला अध्यक्ष), राधेश्याम (प्रधान पेंशनर यूनियन पावरकॉम एंड ट्रांसको एटक पंजाब), गुरविंदर सिंह हजारा (वर्किंग प्रेज़ीडेंट फेडरेशन एटक पंजाब), नरिंदर सिंह सैनी (जिला रोपड़ के जनरल सचिव), कुलदीप सिंह (जिला एटक रोपड़ के जनरल सचिव), तरलोचन सिंह, हरबंस सिंह (रोडवेज), जसविंदर पाल कांगड़ (गौर पेंशन यूनियन), मदन गोपाल, रंजीत सिंह गिल, मल सिंह (पेंशनर यूनियन एटक), हरजिंदर सिंह (सर्कल अध्यक्ष फेडरेशन एटक रोपड़), रजिंदर सिंह (डिवीजन प्रधान रोपड़), राजकुमार तिवाड़ी (प्रधान कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन रोपड़ थर्मल प्लांट), तिलक राज (सर्कल प्रधान पेंशनर यूनियन रोपड़) समेत अन्य नेता मौजूद रहे।


