मनुष्य ब्रह्मज्ञानी होकर ही प्रभु का सच्चा भक्त बनता

भास्कर न्यूज | मोगा दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से चोखा पैलेस पांच दिवसीय श्रीकृष्ण कथामृत का आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन आशुतोष महाराज की शिष्या कथा व्यास साध्वी गरिमा भारती ने कहा कि प्रभु की कथा यहां एक तरफ हमें शाश्वत शांति के साथ जोड़ती है, वहीं दूसरी तरफ हमें जागरूक भी करती है। जागृति भाव आत्मिक स्तर पर जागरूक होना। भगवान श्रीकृष्ण का घट में तत्व रूप में दर्शन ही मानव में वास्तविक जागृति को लेकर आता है। हर मनुष्य खुद को दोराहे पर पाता है, जिसे शास्त्र व ग्रंथों में श्रेय मार्ग सर्व कल्याणकारी मार्ग और प्रेय मार्ग अर्थात ऐन्द्रिय सुखों से भरपूर स्वार्थ व विनाश से भरपूर मार्ग कहते हैं। श्रीकृष्ण के भक्त माधव दास भी परमार्थ भाव को लेकर प्रेय मार्ग को अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के समक्ष दो मार्ग होते हैं। साधारण शब्दों मे एक आत्मा का मार्ग है और दूसरा मन का। एक सुलझन की तरफ ले जाता है और दूसरा उलझन की तरफ। इन्हीं के बीच फंसकर सही चयन न कर पाने की दशा ही तनाव, उदासी व क्षोभ का कारण है, जिससे अनेक मनोवैज्ञानिक व्याधिया उत्पन्न होती हैं। यही आधुनिक समाज की समस्या है। यदि हम स्वयं को पहचाने, भीतर उठने वाली अंतरात्मा की चीत्कार सुने, उस पर अमल करें तो निश्चय ही समस्याओं का समाधान हो जाए। इसके लिए आवश्यकता है किसी ब्रह्मज्ञानी संत की जो हमें आत्म साक्षात्कार करवा सके। यही वेद विदित मार्ग है। ब्रह्मज्ञानी होकर जब मनुष्य भक्त बनता है तो यथार्थ में मनुष्य बनता है और जाति-पाति, ऊंच नीच के दायरों से बाहर निकल पाता है। श्रीकृष्ण को जान लेने के बाद ही मनुष्य प्रभु की लीलाओं को समझ पाता है। मानव जीवन प्रभु से विहीन ऐसा रेगिस्तान है, जहां भावों की सरिता का बहना असाध्य दृष्टिगोचर हो रहा है। वह जीवत्व से शवत्व की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में उसके अंतःकरण से प्रभु के लिए भावों का प्रस्तुतिकरण होना असंभव सा प्रतीत होता है। साध्वी ने इस समस्या का समाधान देते हुए कहा कि भावों व प्रेम के लिए मानव को प्रभु भक्ति से जुड़ना होगा। इस मौके पर नवीन सिंगला ने दरबार पूजन किया और एडवोकेट बोधराज मजीठिया, एडवोकेट अश्विनी मजीठिया, लवली अरोड़ा, जतिंदर अरोड़ा, अशोक कुमार ने भागवत पूजन किया। इस दौरान समीर जैन, डॉ. प्रेम सिंह, मोनू शर्मा, किशन चंद, सुभाष पलता मणिदीप, जगदीश बत्रा, रामकुमार, देवप्रिय, रजिंदर अग्रवाल, अश्वनी अरोड़ा, डॉ. राजेश भारद्वाज, शिव शर्मा, विनोद कुमार गोयल, रामपाल गोयल, रजिंदर कोहली, विजय धीर ने आरती में सम्मिलित होकर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीकृष्ण कथा में पूजन करते एडवोकेट बोधराज मजीठिया और अन्य। (मध्य) पांच दिवसीय आयोजन के पहले दिन कथा करती साध्वी गरिमा भारती और (दाएं) उपस्थित श्रद्धालु।

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