नागौर के ताऊसर में सामुदायिक भवन में चल रही राशन वितरण की दुकान हटाने को लेकर गुर्जरखेड़ा के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन देने आए हंसराज ने बताया कि ताऊसर के गुर्जरखेड़ा में 2004 में सामुदायिक भवन बना था। इस सामुदायिक भवन का सार्वजनिक उपयोग, धार्मिक कार्यों और जनहित के कार्यों में उपयोग के लिए किया गया था। लेकिन 2008 में ग्रामीण राशन डीलर ने सामुदायिक भवन में राशन वितरण की सरकारी राशन की दुकान खोलना शुरू कर दिया। इसके बाद से ग्रामीण लगातार सामुदायिक भवन से राशन वितरण की दुकान हटाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण हंसराज ने बताया कि ग्रामीण पिछले 16 साल से सामुदायिक भवन से राशन डीलर का कब्जा हटाने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में हाईकोर्ट में भी मामला चल रहा है। 2008 से सामुदायिक भवन में राशन वितरण की दुकान शुरू हुई। 2015 में सामुदायिक भवन को मंदिर की संपत्ति मान लिया और मंदिर की ट्रस्ट ने 100 रूपए प्रतिमाह के हिसाब से राशन डीलर का किरायानामा बना दिया। इसके बाद से लगातार प्रशासन के नुमाइंदो को ज्ञापन दिए जा रहे हैं। 2021 में तत्कालीन कलेक्टर जितेंद्र सोनी ने शिकायत की जांच करवाई। जांच में राशन डीलर को गलत पाए जाने पर तत्कालीन कलेक्टर जितेंद्र सोनी ने बीडीओ के जरिए ग्राम विकास अधिकारी व सरपंच को सामुदायिक भवन खाली करवाने के आदेश दिए थे। उसके बाद से अब तक राशन डीलर वहीं काबिज है। बार-बार आदेशों के बावजूद सामुदायिक भवन से राशन डीलर दुकान नहीं हटा रहा है। ज्ञापन देने वालों में हंसराज मेघवाल, पवन मेघवाल, सुनील कुमार, भरत कुमार, राजू, नरेश, मनीष, कृपाराम पंवार, भंवर मेघवाल, दिनेश सांसी समेत काफी लोग शामिल थे। वहीं जिला कलेक्टर की ओर से भेजे गए पत्र के जवाब में सरपंच जानकी देवी ने बताया है कि सामुदायिक भवन सरकारी भवन है। राजस्थान पंचायत राज अधिनियम 1996 के तहत उक्त भवन राशन डीलर को किराए पर दिया गया है। ग्रामीणों को जरूरत होने पर उक्त भवन उपलब्ध करवा दिया जाता है। ज्ञापन देने वाले शिकायतकर्त्ता आदतन शिकायती है। भवन से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए फैसला आने तक दुकान को खाली करवाना असंभव है।


