जैसलमेर के भारत-पाक सीमा से लगते रामगढ़ कस्बे से लगभग दो किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में एक सुनसान इलाके में करीब 14 बम के खोल पाए गए। रामगढ़ पुलिस ने मौके पर जाकर खोल को अपने कब्जे में लिया। BSF के विशेषज्ञों द्वारा जांच करवाने के बाद सभी 14 बम के खोल को JCB के माध्यम से गड्ढा करवाकर दफनाया गया। खोल को दफनाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। रामगढ़ थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया- दरअसल, ये रोशनी के लिए इस्तेमाल होने वाली राकेट नुमा वस्तु है जो इस इलाके में सेना द्वारा अभ्यास किया जाता रहता है, उसमें कई बार ऐसी वस्तु छूट जाती है। हमने जानकारी के बाद मौके पर मिले 14 बम के खोल को गड्ढा खोदकर उसमें दफन कर दिया। साथ ही लोगों को भी अपील करके बताया कि ऐसी कोई वस्तु नजर आए तो घबराएं नहीं और पुलिस को सूचना दें। 14 रोशनी बम के खोल मिले रामगढ़ थाना SHO ओमप्रकाश ने बताया- रामगढ़ से लगभग दो किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में एक सुनसान इलाके में करीब एक दर्जन रोशनी बम पाए गए। सूचना मिलने पर रामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और बमों को कब्जे में लिया। पुलिस ने बीएसएफ विशेषज्ञों से संपर्क कर बमों की जांच करवाई। जानकारी मिली कि ये बम केवल आसमान में रोशनी करने के लिए बनाए गए हैं और घातक नहीं हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने मौके पर जेसीबी बुलाकर गहरा गड्ढा खोदवाया और बमों को वहीं दबाकर सुरक्षित रूप से निस्तारित किया गया। कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्रों में किसी प्रकार का खतरा नहीं रहा।


