पंचायत भवन से ही मिल सकेंगी डिजिटल सेवाएं, मिलेगी रफ्तार

भास्कर न्यूज |लोहरदगा/किस्को झारखंड में डिजिटल सेवाओं को बेहतर तरीके से शत प्रतिशत लोगों तक पहुंचाने के मिशन को मजबूत करने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के झारखंड स्टेट हेड शंभू कुमार शुक्रवार को लोहरदगा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न पंचायतों में संचालित सीएससी केंद्रों का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया। शंभू कुमार ने लोहरदगा और सेन्हा प्रखंड के कई पंचायतों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वीएलई से बातचीत की और उन्हें निर्देशित किया कि सभी सेवाएं ग्रामीणों को निर्धारित शुल्क और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से ही उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सीएससी ग्रामीणों के लिए एक “डिजिटल दरबार” की तरह है, जहां उन्हें जाति, आय, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, बीमा, आधार, फसल बीमा, पेंशन, पासपोर्ट, बिजली बिल भुगतान और अन्य सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलनी चाहिए। निरीक्षण के बाद लोहरदगा समाहरणालय स्थित झारनेट सभागार में सीएससी गवर्नेंस सोसायटी की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिले भर से आए पंचायत वीएलई शामिल हुए। मुख्य रूप में उपस्थित सीएससी स्टेट हेड शंभू कुमार ने वीएलई को डिजिटल सेवाओं की महत्वता और उनके सही क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सुधीर कुमार, इंश्योरेंस कंपनी से विशाल कुमार और इंद्रजीत, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ज्योतिषणा मित्तल, शुष्मिता उरांव और रंदीप तिवारी भी मौजूद रहे। कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि वीएलई केवल सरकारी योजनाओं को लागू करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे गांव के उद्यमी भी हैं। अगर वीएलई सही तरीके से काम करें तो वे न सिर्फ लोगों को सेवा देंगे बल्कि स्वावलंबन की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे। शंभू कुमार ने कहा कि अब समय आ गया है कि बको डिजिटल सशक्तिकरण का केंद्र बनाया जाए। ग्रामीणों को शहर जाने की बजाय अपने पंचायत भवन से ही डिजिटल सेवाएं मिलेंगी। स्टेट हेड ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और डिजिटल क्रॉप सर्वे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोहरदगा जिले में यह कार्य काफी संतोषजनक ढंग से चल रहा है उन्होंने वीएलई को निर्देश दिया कि वे अधिक से अधिक किसानों को इन योजनाओं से जोड़ें और डिजिटल क्रॉप सर्वे में सही-सही डाटा अपलोड करें, जिससे भविष्य में किसानों को पारदर्शी और बेहतर लाभ मिल सके। कार्यशाला के दौरान शंभू कुमार ने यह भी घोषणा की कि बहुत जल्द पंचायत स्तर पर आधार और बैंकिंग सेवाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीणों को बैंक या आधार अपडेट के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा, तो यह डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करेगा।

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