गुरमीत लूथरा | अमृतसर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने बीते 22 जुलाई को जारी आदेश में 41 दिन में यानि एक सितंबर तक सीकेडी के समस्त पदाधिकारियों व सदस्यों को अमृतपान करने का फरमान जारी किया था मगर अभी तक आदेश का पालन नहीं हुआ है। गौर हो कि 2 जून 2025 को सीकेडी के मुंबई से सदस्य सतनाम सिंह व सीकेडी के पूर्व सदस्य अवतार सिंह ने जत्थेदार गड़गज्ज को लिखित शिकायत दी थी कि सीकेडी के 490 में से 70 प्रतिशत सदस्य गैर अमृतधारी हैं जबकि सीकेडी के संविधान के अनुसार संस्था के समस्त सदस्यों का साबत सूरत अमृतधारी सिख होना अनिवार्य है। इसी के तहत जत्थेदार गड़गज्ज ने जवाबतलबी कर 22 जुलाई 2025 को 31 सदस्यीय कार्यकारिणी को अकाल तख्त पर पेश होने की हिदायत दी थी। सीकेडी प्रधान डा. इंद्रबीर सिंह निज्जर सहित 21 कार्यकारिणी सदस्य तो जत्थेदार के समक्ष पेश हो गए थे लेकिन शेष 10 सदस्य पेश ही नहीं हुए थे। 22 जुलाई को ही जत्थेदार ने इन सदस्यों का पक्ष सुनने के बाद समस्त सीकेडी को हिदायत दी थी कि जिस सदस्य ने भी अमृतपान अभी तक नहीं किया है उन्हें 41 दिन का समय दिया जाता है। जो सदस्य एक सिंतबर तक अमृतपान करने में असमर्थ रहेंगे उनकी सीकेडी की प्राथमिक सदस्यता खारिज कर दी जाएगी, लेकिन एक सिंतबर को बीते 20 दिन हो गए हैं लेकिन पतित सिख सदस्यों में किसी ने भी अमृतापान करने की मर्यादा का पालन नहीं किया है। बाढ़ की स्थिति के चलते इस माह अभी तक तख्तों के सिंह साहिबान की बैठक नहीं हो पाई है। जल्द ही अन्य सिंह साहिबान को सूचित कर बैठक की तिथि निश्चित कर ली जाएगी। उक्त बैठक में इस मसले सहित अन्य धार्मिक मसलों पर विचार किया जाएगा। अवतार सिंह सीकेडी के पूर्व सदस्य अवतार सिंह ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के किसी भी आदेश का सीकेडी द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने जत्थेदार से जारी आदेशों का पालन करवाने की अपील की है।


