ये तस्वीर है लाभांडी रेलवे अंडरब्रिज की। करीब 10 साल पुराने इस अंडरब्रिज को बनाने में 70 लाख खर्च किए गए हैं। अफसरों का कहना है कि इससे होकर लाभांडी के लोग अपने खेतों तक जा सकेंगे। लेकिन ब्रिज के दूसरी ओर कोई भी एप्रोच रोड ही नहीं है। अंडरब्रिज के भीतर पानी भरा हुआ है। आसपास इतनी गंदगी है कि वहां से पैदल चलना भी मुश्किल है। इस वजह से इस अंडरब्रिज से कोई भी आना-जाना नहीं करता है। अंडरब्रिज से बाहर निकलने पर खेत नहीं दिखते। ऐसे में अफसरों का ये दावा भी फेल हो जाता है। रात में इस अंडरब्रिज में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। लोगों का कहना है कि रात तो दूर यहां दिन में भी आने-जाने से डर लगता है। जोरा के हजारों लोग रोज हो रहे परेशना
लाभांडी के इस अंडरब्रिज से कुछ ही दूरी पर जोरा रेलवे क्रासिंग है। यहां से रोजाना लगभग 50 हजार लोगों का आना-जाना होता है। अंडरब्रिज नहीं होने से लोगों को ट्रेन गुजरने तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद यहां अंडरब्रिज बनाने का आज तक कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया। इसी तरह शहर में मंडी गेट, सरस्वती नगर, कचना, खमतराई जैसे कई रेल क्रासिंग हैं जहां अंडरब्रिज की जरूरत है। इन सभी जगहों पर अंडरब्रिज बनाने के बजाय अफसरों ने वहां बना दिया जहां लोगों का आना-जाना ही नहीं है।


