भास्कर न्यूज|कोडरमा उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में आज आयोजित जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की जून तिमाही समीक्षा बैठक में जिले के सभी बैंकों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया और लंबित ऋण आवेदनों को त्वरित निष्पादित करने पर जोर दिया गया। अग्रणी जिला प्रबंधक विमल कांत झा ने बताया कि जिले ने कुल ऋण जमा अनुपात पीओयू में 60.27प्रतिशत के साथ राज्य के 24 जिलों में दूसरा स्थान हासिल किया है। कृषि क्षेत्र में 18.15प्रतिशत के साथ दूसरा स्थान, प्राथमिक क्षेत्र ऋण में 34.81प्रतिशत के साथ आठवां स्थान और कुल ऋण में 34.81प्रतिशत के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया। शिक्षा ऋण में 19.61 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ जिला 11वें स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त, तीन महीने के वित्तीय समावेशन शिविर में प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में जिले ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। अटल पेंशन योजना में कोडरमा ने लक्ष्य का तीन गुना (300प्रतिशत) उपलब्धि दर्ज की, जिसके लिए राज्य स्तर पर जिला सम्मानित भी किया गया। हालांकि, किसान क्रेडिट कार्ड में केवल 5.95 प्रतिशत की उपलब्धि के कारण जिला 20 वें स्थान पर रहा। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, मुद्रा योजना, स्वयं सहायता समूह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और गृह ऋण में धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि शाखाओं में लंबित आवेदनों को तुरंत निष्पादित किया जाए और किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंकों की भी सराहना की गई। बैंक ऑफ इंडिया को सभी प्रारूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मोमेंटो प्रदान किया गया, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक को फाइनेंशियल समावेशन शिविर में रि-केवाइसी के लिए पुरस्कार मिला और सीएफएल इंचार्ज को साइबर ठगों से सुरक्षा जागरूकता के लिए पुरस्कृत किया गया।


