उज्जैन सांसद बोले- गरबे में दूसरे धर्मों की जरूरत नहीं:अनिल फिरोजिया ने कहा- पंडालों में आधार, टीका और कलावा चेक कर ही मिलेगा प्रवेश

नवरात्रि महापर्व की सोमवार से शुरुआत होगी। कई बड़े पंडाल माता की आराधना के लिए तैयार हो चुके हैं। लव जिहाद रोकने के लिए एक तरफ युवतियों को इस बार तलवार के साथ गरबा खेलने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं, उज्जैन सांसद ने कहा है कि बिना आधार, कलावा और टीका लगाए युवकों को गरबा पंडाल में एंट्री नहीं मिलेगी। गरबा पंडालों में दूसरे धर्मों की जरूरत नहीं है। नवरात्रि की तैयारियों के बीच उज्जैन और आसपास के इलाकों में गरबा पंडालों में सुरक्षा और सख्ती पुलिस ने बढ़ा दी है। गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को रोकने के लिए गरबा आयोजक सख्ती दिखा रहे हैं। नागदा के पंडित दीन दयाल चौराहे पर होने वाले गरबा के लिए युवतियां हाथों में तलवार लेकर गरबा खेलने की प्रैक्टिस कर रही है। यहां पर ए और बी ग्रुप की बालिका गरबा कर रही है। तलवार वाले गरबे के आयोजन गरबे के दौरान विशेष प्रस्तुतियों के लिए होगा। आयोजकों ने कहा कि लगातार हिंदू लड़कियों को टारगेट किया जा रहा है। लव जिहाद के रोजाना नए मामले सामने आ रहे है। ऐसे में युवतियों को तलवार से प्रशिक्षित भी कर रहे हैं। सांसद बोले- दूसरे धर्म के लोगों को आने की जरूरत नहीं
इधर, उज्जैन आलोट के सांसद अनिल फिरोजिया ने भी गरबा पंडालों में आधार चेक कर युवकों को प्रवेश देने की बात कही है। उन्होंने माना कि पंडालों के लिए नियम बन चुके हैं। अब आधार कार्ड, कलावा और टीका देखकर ही गरबे में प्रवेश देना चाहिए। आईडी चेक करे , मोबाइल हिस्ट्री चेट भी देखे-
एक दिन पहले ही उज्जैन आई काजल हिंदुस्तानी ने भी गरबा पंडाल और लव जिहाद को लेकर कहा था कि एमपी लव जिहाद का हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। काजल ने कहा था कि नवरात्रि में मुस्लिम जिहादी लड़के ताक में रहते हैं कि कैसे भी करके गरबा पंडाल में झूठी पहचान बनाकर घुसे और हमारी बहन-बेटियों को प्रेम जाल में फंसाए इसलिए नवरात्रि पंडाल में बोर्ड लगाए कि सूअरों का प्रवेश निषेध है। आईडी चेक करे, मोबाइल हिस्ट्री चेट भी चेक करना चाहिए। बेकलेस और डीप नेक चोली पहनकर न करें गरबा
काजल हिंदुस्तानी ने आरोप लगाया कि बेक लेस और डीप नेक चोली पहनकर लड़कियां गरबे में आ रही है। लड़कियां बॉलीवुड के गानों पर गरबा कर रही है। इस तरह से गरबा गलत है। इंस्टाग्राम अब कोठाग्राम बन चुका है। बंद कमरे में बिटिया रील बनाती है। ऐसे में मां का दायित्व है कि उसका सोशल मीडिया पर ध्यान रखें।

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