परिवहन विभाग की काली कमाई से धनकुबेर बने पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों की काली कमाई ने जांच एजेसियों को भी चौंका दिया है। लोकायुक्त पुलिस और आयकर विभाग की कार्रवाई में भी 34 करोड़ की संपत्ति छूट गई थी, जिसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पकड़ा है। तीनों एजेसियों को सौरभ व सहयोगियों ने यहां 89 करोड़ की संपत्ति मिली है। इसमें 40 करोड़ का सोना-चांदी, 14 करोड़ रुपए नकद, 27 करोड़ की प्रॉपर्टी व 7.50 करोड़ बैंक खाते में मिले हैं। सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम से बैंक में 6 करोड़ की एफडी और खातों में 1.50 करोड़ रुपए मिले हैं। 9 दिन, 3 जांच एजेंसियां, छापे में हर बार मिली संपत्ति 40 करोड़ का सोना-चांदी
7.50 करोड़ बैंक खाते में 14 करोड़ रुपए नकद
27 करोड़ की प्रॉपर्टी ईडी ने भोपाल में 4 ठिकानों समेत ग्वालियर व जबलपुर के कुल 8 ठिकानों पर छापे मारे थे। इससे पहले लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ के 2 ठिकानों पर कार्रवाई की थी। आयकर ने आधिकारिक आंकड़ों में बताया कि कार से 52 किलो सोना व 11 करोड़ नकदी जब्त की। एफआईआर की जांच में पता चला कि सौरभ ने परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और फर्म-कंपनियों के नाम पर करोड़ों रुपए की अनुपातहीन संपत्ति जुटाई है। इन कंपनियों में उसके करीबी डायरेक्टर हैं। ईडी ने सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और रोहित तिवारी सहित अन्य के ठिकानों पर सर्चिंग की थी। चेतन सिंह गौर के नाम पर छह करोड़ रुपए से अधिक की एफडी और बैंक खातों में 1.50 करोड़ रुपए मिले हैं।
सौरभ के परिवार के लोगों के नाम पर चार करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी और उसकी अलग-अलग कंपनियों और परिजनों के नाम पर 23 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि सौरभ ने करोड़ों की संपत्ति भ्रष्टाचार की काली कमाई से जुटाई है। चेतन संभालता था सौरभ के धंधों की जिम्मेदारी
जांच में खुलासा हुआ है कि परिवहन विभाग से हो रही काली कमाई को अलग-अलग बिजनेस में लगाने और इसे संभालने का जिम्मा चेतन सिंह गौर संभालता था, वहीं शरद जायसवाल परिवहन विभाग के आला अधिकारियों समेत अन्य लोगों को उनका हिस्सा पहुंचाने का काम देखता था। इसके अलावा शरद के पास आरटीओ कार्यालयों और चेक पॉइंट से होने वाली कमाई का हिसाब-किताब रखने का भी दायित्व था। पहली कार्रवाई : लोकायुक्त पुलिस, भोपाल कार्रवाई : 19 और 20 दिसंबर 2024
स्थान : ई-7/78 अरेरा कॉलोनी स्थित सौरभ शर्मा का घर और ई-7/657 में कार्यालय पर छापेमारी। बरामदगी : ई-7/78 से 1.15 करोड़ की देसी-विदेशी मुद्रा, 50 लाख के जेवर, 2.21 करोड़ रुपए के वाहन व लग्जरी सामान।
ई-7/657 से 2.10 करोड़ रुपए की 234 किलो चांदी, 1.72 करोड़ नकद, 30 लाख रुपए का लग्जरी सामान। दोनों ठिकानों से कुल 7.98 करोड़ की चल संपत्ति। दूसरी कार्रवाई : आयकर विभाग, भोपाल कार्रवाई : 19 दिसंबर रात 12.30 बजे
स्थान : मेंडोरी-बेरखेड़ी बाज्याफ्त गांव की सीमा पर खाली प्लॉट। बरामदगी : सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम से दर्ज कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रु. नकद बरामद। कार से मिली डायरी व कागजों से प्रदेशभर के आरटीओ कार्यालयों और रोड सेफ्टी इनफोर्समेंट सेंटर से लेनदेन का हिसाब मिला। तीसरी कार्रवाई : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई : 27 दिसंबर
स्थान : सौरभ के घर ई-7/78, अन्य मकान ई-7/71, कार्यालय ई-7/657, सहयोगी शरद के ई-8/99 घर व जबलपुर में रोहित तिवारी के घर, ग्वालियर में चेतन के घर, सौरभ का पैतृक मकान।
बरामदगी : चेतन के नाम पर 6 करोड़ की एफडी, 1.25 करोड़ का बैंक बैलेंस। सौरभ के परिवार के सदस्यों के नाम पर 4 करोड़ की अचल संपत्ति। करीबियों के नाम पर 23 करोड़ से अधिक की अचल संपत्तियों के दस्तावेज। इधर, सौरभ की मां से डेढ़ घंटे आयकर तो चेतन से ईडी ने की पूछताछ
आयकर विभाग ने सोमवार को सौरभ शर्मा की मां उमा से डेढ़ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, अफसरों ने बेनामी संपत्तियों के अलावा वाहन से जब्त सोने और नकदी के संबंध में पूछताछ की है। वहीं, सौरभ की पत्नी दिव्या को भी नोटिस जारी किए हैं। वहीं, सौरभ के सहयोगी चेतन से ईडी ने पूछताछ की।


