लातेहार| शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना गई। इससे पहले शहर के विभिन्न पूजा पंडाल व आवासीय परिसरों में कलशों की स्थापना की गई। शहर के काली मंदिर पूजा समिति पूजा पंडाल का पट शारदीय नवरात्र के प्रथम तिथि को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिये गये। पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने फीता काट कर पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। यहां पुरोहित संतोष मिश्र के सानिध्य में पूजा संपन्न कराया जा रहा है। जबकि मुख्य यजमान के रूप में भोला प्रसाद सप्तनीक मौजूद थे। मौके पर मुख्य संरक्षक एसके सिंह, अध्यक्ष जयकुमार सिंह, गोपाल प्रसाद, गजेंद्र प्रसाद, नितेश शौंडिक उर्फ निक्कू, राजू लाल, राजन तिवारी, पंकज पांडेय, कुमार सागर समेत कई लोग मौजूद थे। वहीं शहर के श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर में पुरोहित त्रिभुवन पांडेय के सानिध्य में पूजा अर्चना शुरू किया गया। इस मौके पर मुख्य यजमान के रूप में संजय प्रसाद (गुड्डू) और विनोद प्रजापति सप्तनीक उपस्थित थे। जबकि सहयोगी यजमान के रूप में नेहा कुमारी, अर्पिता कुमारी, खुशी कुमारी, रिया कुमारी, दीपाली कुमारी व सुजाता सिंह मौजूद थे। त्रिभुवन पांडेय ने कहा कि मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और नवरात्र के पहले दिन उनकी पूजा का विशेष महत्व होता है। मां शैलपुत्री को गुड़हल का लाल फूल और सफेद कनेर का फूल प्रिय है। मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना करने से श्रद्धालुओं को शक्ति, भक्ति और संयम का संदेश मिलता है और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। राजा दुर्गा बाड़ी में सूर्यदेव उपाध्याय के सानिध्य मे पूजा शुरू किया गया।


