रांची। रांची यूनिवर्सिटी के काउंसलिंग सेल में काउंसलिंग के लिए पहुंचने वाले छात्रों की संख्या में इन दिनों बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हर महीने 2-3 मामले सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले अकेलेपन के हैं। यहां आनेवाले लगभग 90 प्रतिशत मामले इसी से संबंधित हैं। काउंसलिंग सेल के इंचार्ज डॉ. एम.पी. हसन ने बताया कि सितंबर 2016 में यूजीसी की गाइडलाइन के तहत काउंसलिंग सेल की शुरुआत हुई थी।इसका उद्देश्य छात्रों के मेंटल हेल्थ और उनके वेलनेस के लिए काम करना था। शुरुआत के सालों में सेल आने वाले छात्रों की संख्या कम थी, लेकिन पिछले 2 सालों से लगातार इसमें वृद्धि देखी जा रही है। इसका कारण कोविड के समय में लोगों से कटना और सोशल मीडिया से जुड़ना भी है। साल 2021 में सालभर में मात्र 9 मामले और साल 2022 में 8 मामले आए थे। लेकिन साल 2023 और 2024 में यह मामले बढ़कर दोगुने से भी अधिक हो गए। 21 साल से 27 साल तक के उम्र के छात्र इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब छात्र अपनी समस्याओं को लेकर बात कर रहे हैं और समाधान भी चाह रहे हैं।


