बीकानेर के गर्वमेंट एमएम स्कूल की इंग्लिश् मीडियम टीम के खिलाड़ी साल भर प्रेक्टिस करते रहे, लेकिन खेलने के लिए टूर्नामेंट शुरू हुए तो स्कूल प्रशासन ने टीम ही नहीं भेजी। इसके बाद परिजनों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। तब सामने आया कि इंग्लिश मीडियम स्कूल के पास पीटीआई ही नहीं है, एक सामान्य शिक्षक को इसका जिम्मा दिया हुआ है, जिसे मैच के बारे में जानकारी नहीं थी। मजे की बात है कि इसी परिसर में चल रही हिन्दी मीडियम की टीम ने मैच खेला है। नत्थूसर गेट स्थित एमएम स्कूल के एक ही परिसर में दो स्कूल संचालित हो रही है। एक अंग्रेजी माध्यम और दूसरी हिन्दी माध्यम की। इसमें हिन्दी माध्यम की टीम ने नापासर में चल रहे अंडर 19 क्रिकेट मैच में हिस्सा लिया लेकिन अंग्रेजी माध्यम टीम खेलने ही नहीं पहुंची। ऐसे में क्रिकेट टूर्नामेंट करवा रही स्कूल ने सामने वाली टीम को वॉक ओवर दे दिया। इसका पता जब खिलाड़ियों को चला तो वो अपने परिजनों को लेकर स्कूल पहुंच गए। परिजनों ने वहां काफी देर तक हंगामा किया। तभी पता चला कि अंग्रेजी माध्यम स्कूल के पास पीटीआई नहीं होने के कारण एक सामान्य टीचर को इसका चार्ज दिया हुआ है। जो क्रिकेट सहित अन्य खेलों के सोशल मीडिया ग्रुप में नहीं है। एक खिलाड़ी के परिजन अनिल बिस्सा ने बताया कि स्कूल को पता ही नहीं चला कि उनकी टीम का मैच कब है। इससे हमारे होनहार बच्चों का भविष्य खराब हुआ। सालभर अभ्यास करके खिलाड़ी बीकानेर की टीम से स्टेट टूर्नामेंट खेलने की तैयारी कर रहे थे लेकिन एक लापरवाही ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया। बिस्सा ने बताया कि अब बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया होगा।


