भारतीय हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और उसे बढ़ावा देने के लिए समर्पित अग्रणी मंच ‘शिल्पकारी’ के बहुप्रतीक्षित फेस्टिव एडिट 2025 की बुधवार से जयपुर क्लब में शुरुआत हुई। एग्जीबिशन का उद्घाटन मुख्य अतिथि डायरेक्टर जनरल ऑफ इनकम टैक्स (इन्वेस्टिगेशन), राजस्थान, आईआरएस, रेणु अमिताभ ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में दिशा फाउंडेशन की चेयरमैन माला खेतान, आईआईसीडी जयपुर की निदेशक डॉ. तूलिका गुप्ता, जयपुर क्लब लिमिटेड के प्रेसिडेंट अजीत सक्सेना और सोशल एंटरप्रेन्योर सुधीर माथुर उपस्थित रहे। इस दौरान मेडिटेशन एक्सपर्ट और योगाचार्या निर्मला सेवानी ने मंत्रोच्चारण से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। यह तीन दिवसीय एग्जीबिशन 26 सितंबर तक जयपुर क्लब के बैंक्वेट हॉल में सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक आयोजित होगी। शिल्पकारी की संस्थापक, शिल्पी भार्गव ने बताया कि एग्जीबिशन में नए ट्रेंड्स और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए हैंडक्राफ्टेड साड़ियों, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, यार्डेज़, ज्वैलरी और हैंडीक्राफ्ट्स का एक क्यूरेटेड कलेक्शन पेश किया जा रहा है। शिल्पकारी उन कारीगरों और डिजाइनरों के लिए एक मंच है, जो भारत की टेक्सटाइल लिगेसी को जीवित रखे हुए हैं। इस मंच के माध्यम से भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए कारीगर और डिज़ाइनर अपना शिल्प और अनूठे उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। वहीं, इस वर्ष एग्जीबिशन के दौरान इंटरएक्टिव सत्र, वर्कशॉप और लाइव म्यूजिक सहित कई रोचक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। एग्ज़ीबिशन में हैंडक्राफ्टेड टेक्सटाइल और पारंपरिक एम्ब्रॉयडरी की एक समृद्ध और विस्तृत शृंखला प्रदर्शित की जा रही है। इसमें सूफ एम्ब्रॉयडरी, गमछा वीव एम्ब्रॉयडरी, ईरानी एवं पर्शियन एम्ब्रॉयडरी, कांथा, बटिक,पटोला, भुजोड़ी, तंगालिया, शिबोरी, चिकनकारी, बनारसी साड़ियां, बिहार हैंडलूम, मधुबनी, सिंधी एम्ब्रॉयडरी, अजरख, बिहार और बंगाल हैंडलूम जैसी कई पारंपरिक कलाएं प्रमुख आकर्षण हैं। इसके साथ ही हैंड पेंटेड सूट्स और साड़ियां, हैंडक्राफ्टेड ज्वैलरी, सिल्वर ज्वैलरी, आर्ट प्रोडक्ट्स और हैंडमेड सिरेमिक प्रोडक्ट्स आदि भी एग्जीबिशन का हिस्सा हैं, जो भारतीय हस्तकला की विविधता और रचनात्मकता को दर्शाते हैं। विज़िटर्स के लिए एक विशेष लाइव म्यूजिक सेशन आयोजित किया गया, जिसमें कलाकार नरेंद्र चौधरी ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति से समां बांध दिया। इंटरैक्टिव सत्र और वर्कशॉप एग्जीबिशन के दौरान 24 और 25 सितंबर को, दोपहर 2 से 4 बजे तक, जयपुर क्लब में पारंपरिक भारतीय शिल्प पर केंद्रित इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें प्रतिभागियों को बाटिक, इको प्रिंट, हैंड पेंट और मधुबनी जैसी पारंपरिक कला शैलियों को करीब से जानने, समझने और अनुभव करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं, 25 सितंबर को सुबह 11.30 बजे से 12.30 बजे तक एक एक्सक्लूसिव इको प्रिंट वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। इसका संचालन एक जानी-मानी सोशल एंटरप्रेन्योर, टेक्सटाइल डिज़ाइनर और मुल्य क्रिएशन्स की संस्थापक, अलीशा मैंडोलिया द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि इस वर्कशॉप को विशेष रूप से देहरादून के ‘मुल्य क्रिएशन्स’ द्वारा होस्ट किया गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक इको-फ्रेंडली तकनीकों को बढ़ावा देना और प्रतिभागियों को शिल्प की व्यावहारिक समझ प्रदान करना है। साड़ी ड्रेपिंग सेशन एवं डांडिया व गरबा प्रस्तुति उधर, शुक्रवार, 26 सितंबर को फोर्टी वुमन विंग के लिए एग्जीबिशन के दौरान दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक एक खास साड़ी ड्रेपिंग सेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें H2O हेड टू टो यूनीसेक्स सैलून की फाउंडर, सारिका गोस्वामी साड़ी पहनने की कला सिखाएंगी। इसके अतिरिक्त, 25-26 सितंबर को जयपुर क्लब के बैंक्वेट हॉल में ही शाम 6.30 से रात 8 बजे तक डांडिया और गरबा कार्यक्रम का भी आयोजन होगा, जिसकी कोरियोग्राफी निखिल ठाकुर द्वारा की गई है।


