झाबुआ जिले में निमोनिया पीड़ित तीन बच्चों को इलाज के नाम पर गर्म सलाखों से दागा गया। इनमें से दो बच्चे महज दो-दो महीने के हैं। जब इन बच्चों की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया। फिलहाल, सभी बच्चे ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इनमें परवट गांव निवासी दो महीने के संदीप को 15 सितंबर, गोपालपुरा निवासी सागर के दो माह के बेटे डेनियल को 20 सितंबर और अंबाह खोदरा निवासी दो साल की पार्वती को 23 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में से पार्वती को दाहोद रेफर कर दिया गया। बच्चों के शरीर पर जलने के गहरे निशान मिले
डॉक्टरों को बच्चों के शरीर पर जलने के गहरे निशान मिले। इसके बाद इस घटना का खुलासा हुआ। पता चला कि गांव के एक तांत्रिक के कहने पर परिजन ने ही बच्चों को गर्म सलाखों से दागा था। दो साल की पार्वती की गर्दन और पेट पर लकड़ी या लोहे की गर्म छड़ों से कई जगह जलाया गया था। पिता बोला- बच्चे की तबीयत वड़ोदरा में खराब हुई
दो महीने के डेनियल के पिता सागर ने बताया कि उनके बच्चे की तबीयत वड़ोदरा में खराब हुई थी। वे दाहोद में उसका इलाज कराने गए थे, जहां उन्हें किसी ने इस तरह के इलाज की सलाह दी। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इन बच्चों को अलग-अलग जगहों पर किसने और कहां दागा। पुलिस बोली- केस दर्ज कर लिया है, जांच कर रहे
जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप चोपड़ा ने मामले की जानकारी थाना प्रभारी को लिखित में दी है। एडिशनल एसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। 2023 में भी झाबुआ में ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जिस पर मानवाधिकार आयोग ने कार्रवाई की थी। इस तरह की ये खबर भी पढ़ें…
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